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New Arms Licence policy के तहत सिर्फ तीन साल के लिए ही मिलेगा हथियार का लाइसेंस, जानें क्यों

यूपी में Arms licence से रोक हटने के बाद कलेक्ट्रेट में आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदक नई प्रक्रिया के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे है।

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ग्रेटर नोएडा. यूपी में Arms Licence से रोक हटने के बाद कलेक्ट्रेट में आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदक नई प्रक्रिया के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे है। योगी सरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक लाइसेंस लेने के लिए जरुरी कागजात आवेदन फार्म के साथ लगाने बेहद जरुरी है। तभी आवेदन स्वीकार किया जाएगा। लाईसेंस लेने वाले को 2 साल के अंदर ही हथियार खरीदना होगा। अगर कोई हथियार नहीं खरीदता है तो आयुध नियमावली 2016 के तहत उसका लाइसेंंस निरस्त कर दिया जाएगा।

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जब्त होगा हथियार

नई आयुध नियमावली 2016 के तहत रिवाल्वर, पिस्टल, राइफल व बंदूक का लाइसेंस 3 साल में रिन्युअल कराना जरुरी होगा। हालांकि 2 साल बाद रिन्युअल के लिए अप्लाई कर सकते है। लेकिन किसी कारण आवेदन नहीं कर पाते है तो अगले साल कर सकते है। प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो तीन साल के अंदर लाइसेंस का रिन्युअल कराना जरुरी है। अगर कोई तीन साल में रिन्युअल नहीं कराता है तो हथियार को जब्त कर लिया जाएगा।

बता दें कि हाईकोर्ट ने कुछ कैटिगरी को छोड़कर साल 2013 में शस्त्र के लाइसेंस पर रोक लगा दी थी। शासनस्तर की तरफ से अब दौबारा से नए शस्त्र लाइसेंस जारी करने के निर्देश पिछले माह दिए थे। योगी सरकार ने शासनादेश जारी कर उद्यमी, व्यापारी, बैंक संस्थागत, अपराध पीड़ित, विरासत, वित्तीय संस्थान, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं, सैनिक, एमएलसी, एमपी, राज्य, एमएलए, अर्द्धसैनिक, पुलिसकर्मी, अतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को नए लाइसेंस के लिए वरीयता देने के निर्देश जिला अधिकारी को दिए है।

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ये है जरुरी कागजात

Gun, pistol व Revolver आदि के लाइसेंस लेने के लिए आवेदकों को 2 पासपोर्ट फोटो, voter ID, हैसियत प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, तीन साल की इनकम टैक्स रिटर्न के अलावा आयु, जाति, पैन कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र फॉर्म के साथ लगाना अनिवार्य है। साथ ही व्यापारियों को GST प्रमाण पत्र की कॉपी देने जरुरी है। अगर कोई सभी कागजात जमा नहीं करता है तो उसका आवेदन अधूरा माना जाएगा। प्रशासनिक अफसर आवेदन को निरस्त कर सकते है।

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यह है फीस