8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोबर से फ्यूल बनाने को तैयार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जलपुरा और पौवारी गोशालाओं में लगेंगे प्लांट

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपनी दो गोशालाओं में गोबर से फ्यूल बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। जलपुरा और पौवारी गोशाला में बायो सीएनजी प्लांट लगेगा। गोबर को प्रोसेस करने से प्राप्त बायो सीएनजी फ्यूल को बेचने से मिली रकम को गोशालाओं के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।

2 min read
Google source verification
greater noida news

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जलपुरा और पौवारी गोशालाओं को स्व-वित्त पोषित बनाने के उद्देश्य से गोबर गैस प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग ने सबसे पहले जलपुरा गोशाला के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल निकाला, जिसके जरिए एक कंपनी एस-3 फ्यूल का चयन कर लिया गया है और अवॉर्ड लेटर भी जारी कर दिया गया है।

17 करोड़ की लागत से बनेगा प्लांट

कंपनी जल्द ही प्लांट लगाने पर काम शुरू कर सकती है। इस प्लांट को बनाने में लगभग डेढ़ साल का समय लगेगा। यह प्लांट जलपुरा गोशाला के पास ही लगेगा। करीब 17 करोड़ रुपए खर्च इसे बनाने में होने का आकलन है जिसे कंपनी खुद वहन करेगी। रोजाना 50 टन प्रतिदिन के हिसाब से गोबर को प्रोसेस किया जाएगा।

अगर इस गोशाला से प्रतिदिन 50 टन गोबर प्राप्त नहीं होता है तो आसपास के गांवों से गोबर और घरेलू कचरा भी प्राप्त कर प्रोसेस किया जाएगा। इससे आसपास के गांवों की सफाई व्यवस्था भी और बेहतर होगी। कंपनी खुद के पैसे से इसे बनाकर 15 साल तक चलाएगी। इन 15 वर्षों में प्राधिकरण को लगभग 6.48 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी।

यह भी पढ़ें: हॉस्पिटल की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत से मचा हड़कंप, डीएम के आदेश पर अस्पताल पर गिरी गाज

जलपुरा और पौवारी गोशालाओं के लिए निकाला रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल 

जलपुरा के साथ ही अब प्राधिकरण ने पौवारी गोशाला के लिए भी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल निकाल दिया है। इसमें आवेदन के लिए 19 दिसंबर अंतिम तिथि है। इससे पहले 11 दिसंबर को प्रीबिड मीटिंग होगी। रोजाना 50 टन प्रतिदिन क्षमता के इस प्लांट को लगाने में लगभग 17 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन है, जिसे कंपनी खुद वहन करेगी।

निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू करने की तैयारी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अभिषेक पाठक का कहना है कि इन दोनों गोशालाओं में प्लांट शुरू होने से गोबर प्रोसेस होने के साथ ही आमदनी भी होगी, जिससे गोशालाओं के संचालन में भी मदद मिलेगी।

सोर्स: IANS

बड़ी खबरें

View All

ग्रेटर नोएडा

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग