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गंजेपन दूर करने को आई हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी की नई तकनीक, युवाओं को भा रही प्लास्टिक प्रोसिजर

आजकल गंजेपन की तकलीफ से अधिकांश युवा परेशान हैं। लेकिन अब उनकी परेशानी दूर करने को हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी की नई तकनीक आई है।

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गंजेपन को दूसर करने के साथ शारीरिक सुंदरता को अपनी इच्छानुसार पाने का क्रेज युवाओं में तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिस से हेयर ट्रांसप्लांट और चेहरे की प्लास्टिक प्रोसिजर आज हाई सोसाइटी में रहने वाले युवा करवा रहे हैं। सुंदरता को बढ़ाने के नए तरीके हाल के वर्षों में तेजी से लोकप्रिय हुए हैं।

इसमें नई तकनीक ने और अच्छा काम किया है। जिससे ककम पैसे में युवा मनचाही सुंदरता पा रहे हैं। सरयू क्लीनिक के संस्थापक और फेशियल प्लास्टिक मैक्सिलोफेशियल एवम हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ.आदर्श त्रिपाठी ने अपनी विशेषज्ञता, अनुभव और तकनीक से इस क्षेत्र को एक नए आयाम तक पहुंचा दिया है। आज इस क्षेत्र ने उनकी प्रतिष्ठा और पहचान बन चुकी है।

डा. त्रिपाठी कहते हैं कि हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है,जो बालों के झड़ने या पतले होने के होने पर जड़ों के प्रत्यारोपण पर आधारित है।

यह तकनीक बालों के झड़ने का एक स्थायी समाधान देती करती है, जिससे बालों का प्राकृतिक दिखने के साथ सिर पूरी तरह पहले जैसी ही दिखने लगता है।

इसी तरह चेहरे की प्लास्टिक प्रोसिजर चेहरे की समरूपता और सामंजस्य को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई तकनीकों की एक श्रृंखला है।

जिसमें राइनोप्लास्टी और फेसलिफ्ट सर्जरी शामिल हैं। ये पद्धति व्यक्ति को और भी युवा बना देती है और बेहतर आत्मविश्वास सहित कई लाभ देती हैं।

सरयू क्लीनिक के संस्थापक डॉ.आदर्श त्रिपाठी फेशियल प्लास्टिक, मैक्सिलोफेशियल और हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन हैं। डॉ. त्रिपाठी 500 से अधिक सफल हेयर ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। जो लोग ग्रेड 4 से ग्रेड7 के गंजेपन का शिकार हुए थे। उनके इलाज में स्कारलेस एफयूटी तकनीक काफी सफल हुई है।

उन्होंने बताया कि ये नई तकनीक नई जनरेशन में काफी प्रसिद्ध हुई हैं। उन्होंने हेयर रेस्टोरेशन सर्जरी में भी कई प्रगति की है, जिसमें BIO FUT, BIO FUE, BIO FUT+FUE, और BHT (बॉडीहेयरट्रांसप्लांट) शामिल हैं।

इसके अलावा, डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने सॉफ्ट टिश्यू डायोड लेजर का उपयोग करके मुंह के कैंसर और प्रीमैलिग्नेंट घावों के उपचार किया है।