3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

90 मिनट तक मौत से लड़ता रहा इंजीनियर युवराज, फिर भी नहीं बची जान, डूब गया परिवार का चिराग

गुरुग्राम के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार नोएडा में खुले नाले में गिर गई। कार की छत पर 90 मिनट तक फंसे रहने के बावजूद बचाव टीम मौके पर देर से पहुंची।

2 min read
Google source verification

Software Engineer Yuvraj Mehta Death : गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले युवराज मेहता अपनी मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा कार से नोएडा सेक्टर 150 स्थित टाटा यूरेका पार्क में अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में घना कोहरा था। एक मोड़ पर विजिबिलिटी बहुत कम होने की वजह से उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और एक खुले नाले में जा गिरी। यह नाला करीब 50 फीट गहरा था और पानी से भरा हुआ था। पुलिस के अनुसार, हादसे वाली जगह पर न तो कोई बैरिकेड था और न ही कोई रिफ्लेक्टिव चेतावनी बोर्ड, जिससे ड्राइवर को खतरे का अंदाजा हो सके।

कार की छत पर बैठकर मांगी मदद

कार के नाले में गिरते ही युवराज ने हिम्मत दिखाई। वे किसी तरह कार से बाहर निकलकर उसकी छत पर चढ़ गए। उस वक्त तक कार पूरी तरह नहीं डूबी थी। युवराज ने तुरंत अपने पिता राज कुमार मेहता को फोन किया और बताया कि वे नाले में फंस गए हैं और कार पानी में गिर गई है। उनके पिता ने मीडिया को बताया कि बेटे की आवाज घबराई हुई थी, लेकिन वह खुद को संभालने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस, फायर डिपार्टमेंट, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर रवाना हुईं। हालांकि घने कोहरे और खराब हालात के कारण टीमों को पहुंचने में समय लगा। जब तक बचाव दल मौके पर पहुंचा, तब तक युवराज करीब 90 मिनट तक कार की छत पर बैठे रहे। पुलिस के अनुसार, युवराज को बचाने के लिए रस्सियां फेंकी गईं, लेकिन वे छोटी पड़ गईं। फायर ब्रिगेड की सीढ़ियां और क्रेन भी नाले की गहराई और दूरी को पार नहीं कर सकीं।

धीरे-धीरे डूबती कार और टूटती उम्मीद

समय बीतने के साथ कार के अंदर पानी भरता गया। वजन बढ़ने की वजह से कार धीरे-धीरे और नीचे धंसती चली गई। युवराज कार की छत पर खड़े होकर मदद का इंतजार करते रहे, लेकिन हालात उनके खिलाफ होते चले गए। आखिरकार कार पूरी तरह पानी में डूब गई और युवराज की मौत हो गई। 90 मिनट तक अपनी हिम्मत की वजह से मौत से लड़ते रहे युवराज, लेकिन सवाल अब यहा है आखिर युवराज की मौत का जिम्मेदार कौन है? पुलिस, प्रशासन, बचाव दल, सबके होने के बाद आखिर क्यों युवराज को बचाया नहीं जा सका।

बाद में मिला शव

घटना के बाद नाव की मदद से युवराज का शव बाहर निकाला गया। इस हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। पिता और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता कह रहे हैं कि मेरे सामने मेरा बेटे की मौत हो गई और मैं कुछ नहीं कर पाया।

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

ग्रेटर नोएडा

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग