
मायावती के गांव में भाजपा को पड़े जमकर वोट, आकड़ा देख गठबंधन प्रत्याशी भी हैरान
ग्रेटर नोएडा. यूपी की गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट वीवीआईपी मानी जाती है। एक तरफ यह मायावती के गृहजनपद की सीट है। वहीं, भाजपा के लिए भी खास है। शहरी वोटर की वजह से यहां भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जाती है। लोकसभा चुनाव 2019 में गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से भाजपा के डॉ. महेश शर्मा और गठबंधन(बसपा) के सतवीर नागर ने चुनाव लड़ा। डॉ. महेश शर्मा ने सतवीर नागर को 3 लाख 35 हजार मतों से हराया हैं।
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गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर भाजपा के डॉ. महेश शर्मा की दूसरी बार जीत है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में डॉ. महेश शर्मा ने अपने प्रतिद्वंद्वी सपा के नरेंद्र भाटी को 2 लाख 80 हजार 212 वोटों से हराया था। हालांकि 2009 में डॉ. महेश शर्मा को बसपा के सुरेंद्र नागर ने हराया था। उस दौरान यूपी की सीएम मायावती थी। जिले के विकास की वजह से मायावती को पंसद करने वालों की उनके गृहजनपद में कोई कमी नहीं थी।
2012 में भले ही यूपी में समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव यूपी के सीएम बने। लेेकिन मायावती के गृहजनपद की दादरी विधानसभा से सतवीर गुर्जर और जेवर से वेदराम भाटी बसपा के टिकट पर जीते। लेकिन 2019 में जेवर विधानसभा को छोड़ दिया जाए तो गठबंधन किसी भी विधानसभा में भाजपा को टक्कर नहीं दे पाया। इस बार डॉ. महेश शर्मा को 830812 वोट मिले है, जबकि सवतीर को 493890 वोट मिले है। बादलपुर बसपा सुप्रीमो मायावती का गांव है। एक समय में बसपा के अलावा किसी दूसरी पार्टी को वोट नहीं मिलते थे। लेकिन इस बार भाजपा ने भी अच्छी वोट हासिल की हैं। बादलपुर गांव में बसपा को 1006 और भाजपा को 728 वोट मिले है।
डॉ. महेश शर्र्मा सतवीर नागर
दादरी 194212 117584
नोएडा 260502 62442
जेवर 108264 101005
खुर्जा 138048 95830
सिकंदराबाद 127138 116560
2009 में बनी थी लोकसभा सीट
2009 से पहले यह खुर्जा (सुरक्षित) लोकसभा सीट हुआ करती थी। लेकिन 2009 में यह सीट सामान्य हो गई। मौजूदा लोकसभा सीट में नोएडा विधानसभा क्षेत्र, दादरी, सिकंदराबाद, जेवर, खुर्जा आती है। खुर्जा लोकसभा सीट से भाजपा नेता अशोक प्रधान 1996, 1998, 1999 और 2004 लगातार चार बार सांसद चुने गए।
बसपा की हार की यह भी रही वजह
सपा—बसपा का गठबंधन होने के बाद मायावती ने नए चेहरे सतवीर नागर पर दांव लगाया था। लेकिन कम अनुभव व जमीन पर मजबूत पकड़ न होने के कारण गठबंधन के बावजूद बसपा-सपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही बार-बार टिकट बदलने से चुनाव में बसपा को नुकसान उठाना पड़ा। इस सीट पर वीरेंद्र डाढ़ा को प्रत्याशी बनाया गया था। बाद में उनका टिकट काटकर चीती निवासी संजय भाटी को दे दिया। संजय भाटी बाइक बोट कंपनी के मालिक है। इनपर फर्जीवाड़े में मुकदमा दर्ज होने के कारण उनका भी टिकट काट दिया गया। उसके बाद बसपा ने सतवीर नागर पर दांव लगाया। प्रचार के लिए कम समय मिलने व चुनावों का ज्यादा अनुभव न होने के कारण सतवीर नागर मतदाताओं तक नहीं पहुंच सके।
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Updated on:
27 May 2019 03:47 pm
Published on:
27 May 2019 03:09 pm

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