
ग्रेटर नोएडा। लॉकडाउन में लोगों के सामने घर का खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया है। कंपनी व अन्य कारोबार बंद होने की वजह से लॉकडाउन में आमलोग परेशान है। लोगों को सैलरी नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से स्टूडेंट्स, कॉलसेंटर और अन्य मैनेजर व सुपरवाइजर घर का खर्च चलाने के लिए फल व सब्जी बेेचने को मजबूर है। हालांकि, पहचान छूपाने के लिए मुंह पर मास्क और गमछा बांधकर ढक लेते हैं।
कॉलसेंटर कर्मी, मैनेजर और सुपरवाइजर का कहना है कि कंपनियां सैलरी नहीं दे रही है। कुछेक ने आधी सैलरी काट दी है। सैलरी न मिलने की वजह से घर का खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की फीस नहीं भर पा रहे है। स्कूल संचालक लगातार फीस के लिए दवाब बना रहे है। मकान की ईएमआई नहीं भर पा रहे है। एक कॉलसेंटर कर्मी ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से कंपनी ने सैलरी नहीं दी। जिसकी वजह से घर का खर्च नहीं चल पा रहा है। उन्होंने बताया कि मार्केट में सब्जी की ठेला लगा रहे है। ताकि उनका पेट पल सके।
वहीं, एक छात्र ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि घर से बाहर रह रहे है। लॉकडाउन की वजह से पिता की नौकरी चली गई। घर चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में उन्हें सब्जी बेचनी पड़ रही है।
Updated on:
12 May 2020 10:29 am
Published on:
12 May 2020 10:28 am
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