
नोएडा। लॉकडाउन में एक एंबुलेंस चालक ने मानवता को शर्मसार कर दिया। गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट (GIMS) से डिस्चार्ज किए गए 60 वर्षीय टीबी के मरीज को एंबुलेंस चालक घर छोड़ने के बजाय दादरी कस्बे में सड़क किनारे फेंककर चला गया। जिम्स प्रशासन ने दूसरी एंबुलेंस-102 भेजकर मरीज को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया। डीएम ने सुहास एलवाइ ने मामले की जांच एडीएम (एलए) को सौंपी है। डीएम का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।नोएडा।
दादरी के रहने वाले 60 वर्षीय राजेंद्र कुमार को 20 अप्रैल को जिम्स में एडमिट कराया गया। कोविड-19 टेस्ट में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। जिम्स से उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। बुजुर्ग ने बताया कि उन्हें घर भेज दिया गया, लेकिन एंबुलेंस ने उन्हें दादरी में सड़क किनारे छोड़ दिया। सूचना मिलने पर सीएचसी दादरी और पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने मामले की जानकारी जिम्स को दी। उसके बाद जिम्स ने दूसरी एंबुलेंस भेजकर उन्हें वापस बुलाया और भर्ती किया।
इधर-उधर भटक रहे बुजुर्ग को देखकर स्थानीय लोग संदिग्ध समझ कर घबरा गए। मौके पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को उन्होंने अपने रिपोर्ट दिखाई। जिसके बाद उन्हें दोबारा एडमिट कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग के एंबुलेंस कर्मचारी की इस लापरवाही से सख्त नाराज है।
यह भी पढ़ेंं: Weather: ओलावृष्टि होने से 8 साल में सबसे ठंडा रहा अप्रैल, अंधड़ के साथ मई में होगी भारी बारिश
Updated on:
01 May 2020 08:40 am
Published on:
01 May 2020 08:39 am
बड़ी खबरें
View Allग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
