
Egypt: Tik Tok star Sama-El Masry sentenced to 3 years in prison for spreading obscenity
काहिरा। भारत में टिक-टॉक ( Tik Tok Ban In india ) समेत 59 चीनी ऐप्स ( Chinese Apps ) को बैन कर दिया गया। इसको लेकर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और निजता ( National Security and Privacy ) का उल्लंघन का हवाला देकर इन ऐप्स को बैन किया। इसमें से सबसे लोकप्रिय ऐप टिक टॉक को बैन करने को लेकर कई सवाल उठाए गए। लेकिन समय समय पर टिक टॉक पर अश्लीलता फैलाने और डेटा चोरी के आरोप लगते रहे हैं।
मिस्र की 42 वर्षीय मशहूर बेली डांसर ( Belly Dancer ) और टिक-टॉक स्टार ( Tik Tok Star ) समा-एल मासरी ( Sama el-Masry ) पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा है। इस आरोप के लिए मासरी को तीन साल की जेल और करीब 14 लाख रुपये के जुर्माने की सजा भी हुई है।
मासरी के सोशल मीडिया पोस्ट्स ( Social Media Content ) को लेकर उनपर व्यभिचार और अनैतिक आचरण का आरोप लगाया गया है। बता दें कि समा को अप्रैल में उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स, फोटोज और वीडियो की जांच के बाद गिरफ्तार किया गया था। मशहूर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिक-टॉक पर समा का अकाउंट भी था। जांच में पाया गया कि समा के कॉन्टेंट काफी उत्तेजक हैं। अब समा मासरी अपने सजा के खिलाफ अपील करेंगी।
समा मासरी ने आरोपों से किया इनकार
आपको बता दें कि समा मासरी ने अपने पर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि जिस कंटेंट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है, उसे उनके फोन से बिना उनकी अनुमति के चुराया गया है।
वहीं, 42 साल की डांसर ने इन भी आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि जिस कंटेंट के आधार पर उन्हें सजा सुनाई गई है वह उनके फोन से बिना उनकी इजाजत के चुराया गया है। काहिरा की अदालत ( Court ) ने शनिवार को कहा कि समा ने पारिवारिक और राष्ट्रीय मूल्यों का उल्लंघन ( Violation of family and national values ) किया है और सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाकर उनका इस्तेमाल अनैतिक आचरण के लिए किया है।
अपने वीडियो के लिए टिक-टॉक पर काफी मशहूर हो चुकी समा और दूसरी महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए संसद के सदस्य जॉन तलात ने कहा कि आजादी और व्यभिचार के बीच में बहुत फर्क है। उन्होंने कहा कि समा जैसे महिलाएं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ( Social media influencers ) पारिवारिक परंपराओं और मूल्यों को खत्म कर रही हैं। ये लोग ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं, जिन्हें कानून और संविधान ने बैन कर रखा है।
मालूम हो कि साल 2018 में मिस्र में एक साइबर क्राइम कानून ( Cybercrime law ) बनाया गया था। इस कानून के मुताबिक, सरकार को इंटरनेट का कंटेंट सेंसर करने और सर्विलांस बैठाने का पूरा अधिकार है। इस कानून का उल्लंघन करने या इसके तहत दोषी पाए जाने वाले को 2 साल की सजा और 14 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
Updated on:
04 Jul 2020 07:14 pm
Published on:
04 Jul 2020 05:59 pm

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