
हिजबुल्लाह को ब्लैकलिस्ट करने पर ईरान ने जताया ऐतराज, क्षेत्रीय मामले में बताया दखलंदाजी
नई दिल्ली। ब्रिटिश सरकार द्वारा हिजबुल्लाह को ब्लैकलिस्ट करने की घोषणा के बाद से ईरान नाराज हो गया है। इस मुद्दे पर ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में ब्रिटेन के इस कदम की घोर निंदा की गई है। चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम कासेमी ने बताया है कि हिजबुल्लाह लेबनान में लोकप्रिय संगठन है और उसे जनता का समर्थन हासिल है।
लेबनान में लोकप्रिय है हिजबुल्लाह
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम कासेमी ने कहा कि हिजबुल्लाह के कई नेता वहां की संसद में जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इतना ही नहीं हिजबुल्लाह की लेबनानी कैबिनेट में भी शामिल हैं। हिजबुल्लाह को जायनिस्ट शासन (इजराइल) के कब्जे के खिलाफ देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का बचाव करने के लिए लेबनान के लोग चाहते हैं। इस बात की उपेक्षा करना राजनयिक लिहाज से भी सही नहीं माना जा सकता है।
एक पक्षीय निर्णय
दूसरी तरफ हिजबुल्लाह ने अपने समूह को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने के फैसले की निंदा की है। लेबनानी संगठन की ओर से कहा गया है कि थेरेसा मे की सरकार अमरीका के दबाव में है और यह निर्णय पक्षपातपूर्ण है। इस मामले में ब्रिटेन का आरोप है कि मध्य'पूर्व के देशों में हिजबुल्लाह अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है।
Updated on:
03 Mar 2019 02:08 pm
Published on:
03 Mar 2019 01:00 pm

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