खाड़ी देश

Tayyip Erdogan के बयान पर सऊदी अरब बौखलाया, तुर्की की हर चीज का बहिष्कार करने को कहा

Highlights संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच से तुर्की ने सऊदी और उसके पड़ोसी देशों पर हमला बोला था। तुर्की के राष्ट्रपति तयैपे एर्दोगन ( Tayyip Erdogan) ने खाड़ी देशों पर आरोप लगाया था कि वे तुर्की को अस्थिर करना चाहते हैं।

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सऊदी अरब और तुर्की के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।

रियाद। तुर्की और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति तयैपे एर्दोगन ( Tayyip Erdogan) के बयानों को लेकर सऊदी अरब ने कड़ी आपत्ति जताई है। उसने अपने नागरिकों से तुर्की की हर एक चीज का बहिष्कार करने की अपील की है। एर्दोगन ने आरोप लगाया था कि खाड़ी के कुछ देश तुर्की को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मंच से उन्होंने सऊदी और उसके पड़ोसी देशों पर हमला बोला था।

तुर्की का बॉयकाट करने की अपील

सऊदी अरब के चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रमुख अजलान अल अजलान ने लोगों से अपील कर कहा कि उनके नेतृत्व के खिलाफ तुर्की सरकार की शत्रुता के जवाब में हर सऊदी -व्यापारी और उपभोक्ता की कर्तव्य बनता है वे तुर्की का हर चीज का बहिष्कार कर डालें। उन्होंने कहा कि तुर्की की हर चीज का बहिष्कार किया जाना चाहिए, चाहें वह आयात, निवेश या पर्यटन के स्तर पर क्यों न हो।

खाड़ी देशों पर तुर्की ने लगाया आरोप

संयुक्त राष्ट्र सभा में तुर्की के राष्ट्रपति बेहद आपत्तिजनक बयान दिए थे। उन्होंने खाड़ी देशों पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वे तुर्की को अस्थिर करने के लिए चाल चल रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि जो देश सवालों घेरे में हैं उनका कल कोई अस्तित्व नहीं था और शायद आने वाले दिनों में भी वे मौजूद नहीं होंगे। लेकिन,हम अल्लाह की अनुमति से इस क्षेत्र में अपना झंडा हमेशा लहराते रहेंगे।

खशोगी हत्याकांड से ही बिगड़े संबंध

एर्दोगन ने जमाल खशोगी की हत्या को लेकर सीधे तौर पर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को कभी दोषी नहीं ठहराया। मगर कई मौकों पर सऊदी क्राउन प्रिंस का नाम जरूर लिया गया। गौरतलब है कि 2018 में इस्तांबुल में सऊदी अरब के दूतावास में पत्रकार जमाल खशोगी बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से तुर्की और सऊदी के बीच तनाव बढ़ गया।

खशोगी के हत्यारों की सजा को सऊदी ने पलटा

हाल ही में एक बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान सऊदी अरब की कोर्ट ने खशोगी हत्याकांड के पांच दोषियों की फांसी की सजा को पलट दिया था। अदालत ने इन्हें 20-20 साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में दलील दी गई थी कि खशोगी के बेटे ने इन दोषियों को माफ कर दिया है। इसके एवज में सऊदी सरकार ने बेटे को तगड़ा मुआवजा दिया था।

Updated on:
06 Oct 2020 09:10 am
Published on:
06 Oct 2020 09:06 am
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