
बाढ़ के पानी में सोडा गांव के ३५० लोग फंसे, रेस्क्यू करने पहुंचीं टीमें
गुना।राजस्थान की सीमा से लगे हुए मध्य प्रदेश के गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के सोडा गांव जहां पार्वती नदी के बढ़ते जल स्तर के बाद गांव के ३५० ग्रामीण फंस गए हैं। इसकी खबर मिलने के बाद गुना कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए और एसपी राजीव कुमार मिश्रा शुक्रवार को देर शाम सड़क मार्ग से छबड़ा पहुंचे। यहां फंसे लोगों को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए मप्र और राजस्थान की रेस्क्यू करने वाली टीमें मौके पर पहुंच गई है। लेकिन पार्वती नदी का पानी स्थिर होने से यह रेस्क्यू अभियान शनिवार को सुबह से शुरू होगा।
स्मरण रहे कि सोडा गांव पार्वती नदी से चारों और घिरा हुआ है। पन्द्रह साल पूर्व बाढ़ में यहां के लोग फंस गए थे, जिनके बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आए थे, उन्होंने दूसरी जगह विस्थापित करने की बात कही थी। पत्रिका ने हाल ही में सोडा गांव के लोगों के पानी में फंसने और अभी तक दूसरी जगह विस्थापित न किए जाने के संबंध में खबर प्रकाशित की थी।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि मध्य प्रदेश की ओर से पार्वती नदी के उफान के कारण इनका रेस्क्यू राजस्थान की सीमा से किया जाएगा राजस्थान के छबड़ा के ग्राम कड़ैयाछतरी से पार्वती नदी के दूसरी ओर सोडा गांव नजदीक है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मध्यप्रदेश की एनडीआरएफ की ३० सदस्यों की टीम सहित राजस्थान की एनडीआरएफ की टीमें भी राजस्थान के छबड़ा पहुंच चुकी है। जिला कलेक्टर फ्रैंक नोवेल ने बताया कि पार्वती नदी में पानी अभी स्थिर है ऐसे में शनिवार सुबह रेस्क्यू अब अभियान शुरू किया जाएगा इस अभियान में जरूरत पडऩे पर हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जाएगी।
जिला कलेक्टर फ्रैंक नोबेल एवं एसपी राजीव कुमार मिश्रा को सड़क मार्ग से छबड़ा पहुंचने के पहले कस्बे की रेतीली नदी में उफान के कारण स्थानीय प्रशासन को उन्हें छबड़ा लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान छबड़ा उपखंड अधिकारी मनीषा तिवारी, डीवाईएसपी ओमेंद्र सिंह शेखावत तहसीलदार जतिन दिनकर थानाधिकारी रामानंद यादव सहित मध्य प्रदेश के धरनावदा थाना अधिकारी गजेंद्र सिंह बुंदेला एवं सेमली के दिनेश मीणा साथ रहे।
Published on:
07 Aug 2021 01:29 am
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