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राज्यव्यापी आह्वान पर नपा के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठी आशाएं

वेतनवृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर आशा-उषा और पर्यवेक्षक

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राज्यव्यापी आह्वान पर नपाके सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठी आशाएं

राज्यव्यापी आह्वान पर नपाके सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठी आशाएं

गुना. चुनावी साल में लगभग हर शासकीय विभाग के विभिन्न कैडर के अधिकारी-कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आशा, ऊषा एवं पर्यवेक्षकों ने बुधवार को नगर पालिका के सामने धरना देकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। इस दौरान आशा, ऊषा एवं पर्यवेक्षकों ने मुख्य रूप से आशा को 10,000 एवं पर्यवेक्षकों को 15,000 रुपए वेतन दिए जाने की मांग की।

राज्यव्यापी आह्वान पर गुना जिले की आशाएं बुधवार से कामबंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गईं। हड़ताल के पहले दिन नगर पालिका के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठ गईं। अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान यह धरना प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायंकाल 4 बजे तक जारी रहेगा। 15 मार्च को दोपहर बाद 2 बजे धरना स्थल से आशा ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन सीटू की रैली हनुमान चौराहा होती हुई कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गई। सभा को सीटू के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. विष्णु शर्मा, आशा ऊषा कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक एकता यूनियन सीटू की जिलाध्यक्ष मिथलेश गोस्वामी, महा सचिव रामवती शिकारी एवं गुना भदोरा ब्लॉक की अध्यक्ष अनीता शर्मा ने संबोधित किया।

सभा के बाद कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम मांगों से युक्त ज्ञापन दिया गया। आशा ऊषा कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन सीटू की गुना भदौरा ब्लॉक की अध्यक्ष अनीता शर्मा ने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा आशा एवं पर्यवेक्षकों के अमानवीय शोषण के विरोध में सीटू से सम्बद्ध हमारी यूनियन के राज्यव्यापी आह्वान पर आज गुना जिले में भी आशा ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगी एकता यूनियन सीटू के नेतृत्व में जिलेभर में आशाएं काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गईं। हड़ताल के दौरान गुना में रैली निकाल कर कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

इन मांगों के लिए प्रदर्शनमुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन में यूनियन ने आशा एवं पर्यवेक्षकों को कर्मचारी के रूप में नियमित करने, न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, कम से कम 10 हजार रुपए मासिक पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाने की मांग की। इसी के साथ आशा एवं पर्यवेक्षकों को वर्तमान में दिए जा रहे 1000/- रुपए ( प्रोत्साहन राशि) को बढ़ाकर 10 हजार प्रति माह करने, आशा एवं पर्यवेक्षकों की प्रोत्साहन राशि, सभी बकाया भुगतान करने, मिशन संचालक द्वारा 24 जून 2021 को आशाओं को 10 हजार एवं पर्यवेक्षकों को 15 हजार वेतन देने का प्रस्ताव को लागू करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।