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MP Electioin 2023: चाचौड़ा में किसका बिगड़ेगा ‘खेल’, भाजपा में बगावत से त्रिकोणीय हो गया मुकाबला

मुद्दों से ज्यादा चेहरे और सियासी अदावत हावी, , कांग्रेस से लक्ष्मण, भाजपा से प्रियंका व आप से ममता मीणा...।

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गुना

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Manish Geete

Nov 14, 2023

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जितेंद्र चौरसिया

पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के अनुज लक्ष्मण सिंह के सियासी रण वाली चाचौड़ा सीट इस बार बेहद दिलचस्प मुकाबले में हैं। इस सीट पर भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीणा की बगावत ने सारे समीकरणों को पलट दिया है। भाजपा ने अपनी पहली सूची में 17 अगस्त को ही प्रियंका मीणा का टिकट घोषित कर दिया था, जिससे ममता ने बगावत करके आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। अब दो महीने से ज्यादा समय यहां के सियासी रण में तीनों योद्धाओं को दांवपेंच लगाते हो गया है। पूरा मुकाबला त्रिकोणीय है। स्थानीय मुद्दों से ज्यादा इनकी सियासी अदावत व चेहरे ही हावी है।

ममता की बगावत को लक्ष्मण अपने लिए मुफीद मानते हुए अपने अंदाज में प्रचार में जुटे हैं, तो ममता भाजपा व प्रियंका को सबक सिखाने के लिए जुनूनी अंदाज में प्रचार कर रही है। वहीं प्रियंका अपने पहली बार टिकट के जोश और जुनून से जुटी है। जीतेगा कौन ये तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यहां चेहरे चुनाव पर हावी है।

इसलिए बेहद अहम सीट

इस सीट पर नौ बार कांग्रेस और चार बार भाजपा जीती है। अभी लक्ष्मण सिंह यहां विधायक हैं। दिग्विजय खुद भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। दिग्विजय ने सीएम बनने यहां से ही उपचुनाव लडकऱ जीता था। इस सीट का महत्त्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि इस बार केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भाजपा ने इस सीट का प्रभार भी दिया था, लेकिन फिलहाल तो तोमर खुद अपनी सीट में सियासी द्वंद्व में घिरे हैं। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में चाचौड़ा को जिला बनाने का ऐलान करने के साथ फाइलें चल पड़ी थी। लेकिन, सत्ता परिवर्तन से यह मामला उलझ गया।

यूं जानिए जनता की नब्ज

चाचौड़ा में सियासी माहौल पूरे उफान पर है। यहां मधुसूदनगढ़ के समीप चौराहे पर चर्चा करते दिलीप धाकड़ से पूछा किसे जिता रहे हो तो जवाब मिला- छोटे राजा साहब जीत रहे हैं। हमने पूछा ऐसा क्यों, तो कहा- चाचौड़ा जिला बनेगा। हम आगे बढ़ गए। तेजाखेड़ी के सात्विक यादव ने कहा कि क्षेत्र को विकास की जरूरत है। रोजगार की समस्या है। इसलिए भाजपा को आना चाहिए। कादीखेड़ा गांव के पंचूमणि ने कहा कि भाजपा को मौका मिलना चाहिए, पिछली बार जीती थी तो खूब काम हुआ। इन सबसे अलग तेजाखेडी के अंकित गुर्जर ने कहा कि रहने दो चुनाव तो कुछ दिन का है। यहां तो सबको पता है कि किसकी हवा चलती है।

सियासी अदावत के मोड़ भी दिलचस्प

यहां फिलहाल भाजपा प्रत्याशी प्रियंका व आप प्रत्याशी ममता के बीच सियासी रंजिश जैसे हालात हैं। चंद दिन पहले ही ममता व उनके परिवार सहित 11 लोगों पर एक युवक के अपहरण को लेकर एफआइआर दर्ज हो गई थी। ममता ने इसे ही मुद्दा बनाया है। ममता ने राजनीतिक रंजिश से भाजपा पर एफआइआर के आरोप लगाए। चुनाव में ममता स्वाभिमान व भाजपा को सबक सिखाने की बातों के साथ मैदान में है।

ये हैं मुद्दे

कांग्रेस की ओर से: कांग्रेस जीती-सरकार बनी तो चाचौड़ा को जिला बनाएंगे। किसान कर्जमाफी, सस्ती बिजली व नारी सम्मान। परंपरागत वोटबैंक, रियासत के प्रति वफादारी

भाजपा की ओर से: क्षेत्र का विकास होगा, रोजगार मिलेगा। सनातन-राममंदिर-हिन्दुत्व की रक्षा। डबल इंजन सरकार, ट्रिपल इंजन से सीट का विकास

चाचौड़ा विधानसभा सीट
चुनावी साल- जीते- हारे

2018- लक्ष्मण सिंह, कांग्रेस (81908) - ममता मीणा, भाजपा (72111)
2013- ममता मीणा, भाजपा (82779) - शिवनारायण मीणा, भाजपा (47878)
2008- शिवनारायण मीणा, कांग्रेस (33991) - ममता मीणा, भाजपा (25873)
2003-शिवनारायण मीणा, कांग्रेस (46070)-रामनारायण लोधा, भाजपा (43064)

सीट पर मतदाता

- 2,03,378 कुल मतदाता
- 95,042 महिला मतदाता
- 1,08,333 पुरुष मतदाता

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