
पहले निलंबन की सजा, फिर मनचाही संस्था में बहाली का तोहफा
गुना. स्कूल शिक्षा विभाग में नियमों की धज्जियां उड़ाना और निलंबन के बाद बहाली होते ही मनचाही संस्था में पोस्टिंग कराने वालों का एक गिरोह सक्रिय हो गया है। इस गिरोह के इशारे पर डीईओ ने तीन-चार ऐसे आदेश कर दिए हैं जो उनके लिए गले की फांस बन सकते हैं।
पहला मामला नियमों को दरकिनार कर 61 वर्षीय एक शिक्षक को गुना शहर के सीएम राइज स्कूल जगनपुर में पदस्थ किया है। दूसरी शिक्षिका को 75 किलोमीटर दूर की संस्था में पहले निलंबित किया, अब उसको बहाल कर मात्र पांच किलोमीटर दूर की शिक्षण संस्था में पदस्थ कर दिया है। ऐसे यह दो मामले नहीं बल्कि कुछ ही समय में दस से बारह मामले सामने आए हैं। जिनमें नियमों को दरकिनार कर निलंबित शिक्षक-शिक्षिकाओं को बहाल करने के बाद उन्हें मनचाही शैक्षणिक संस्थाओं में पदस्थ किया गया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि बीते डेढ़ माह में डीईओ द्वारा निलंबन के बाद बहाल किए गए शिक्षकों के आदेशों की जांच हो जाए तो कई रहस्यमय मामले उजागर होंगे।
सूत्रों ने बताया कि कुछ समय पहले लेपटॉप खरीदी घोटाला उजागर हुआ था, उसमें डीईओ चन्द्रशेखर सिसौदिया और एक बाबू का नाम सामने आया था। इसकी जांच हुई तो उसमें कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए ने शिक्षा विभाग भोपाल को एक डीओ भेजा था, जिसमें डीईओ सिसौदिया को यहां से हटाने की अनुशंसा की गई थी। इसके अलावा एक और मामला आया, उसमें शिकायत हुई, उसमें भी सिसौदिया के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बताया गया कि हाल ही में शिक्षा विभाग में निलंबन के बाद बहाली और मनचाही शैक्षणिक संस्था में पोस्टिंग किए जाने का नया खेल शुरू हो गया है। इसको लेकर जब पत्रिका ने कुछ शिक्षकों व कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि यह खेल एमएलबी में पदस्थ एक बाबू और उसके तीन अन्य सदस्यों के सहयोग से बने गिरोह ने डीईओ के जरिए शुरू कर दिया है।
इसमें बड़े स्तर पर कथित रूप से एक से डेढ़ लाख रुपए तक के लेनदेन की बात भी संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताई। इस गिरोह की मनमानी को उच्च स्तर पर संरक्षण मिलने के आरोप भी लग रहे हैं।
उम्र के बंधन की अनदेखी: सूत्रों ने बताया कि जिले के सीएम राइज स्कूलों में पदस्थापना के लिए मध्यप्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देश के अनुसार स्टाफ की उम्र 57 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए, किन्तु शिक्षा विभाग ने एक गंभीर अपराध के आरोप मेें निलंबित किए गए 61 वर्षीय शिक्षक केशव दुबे का निलंबन समाप्त कर बजरंगगढ़ विद्यालय से गुना के स्थानीय सीएम राइज स्कूल में पदस्थ कर दिया है।
75 किमीदूर से ले लाए 5 किमीकी संस्था मेंसूत्रों ने बताया कि गुना से 75 किलोमीटर दूर शासकीय प्राथमिक विद्यालय चांदोल सिरसी, जो जन शिक्षक केन्द्र एमएलबी के अधीन आता है। इस विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका अनुभा जैन को शिकायत मिलने के बाद निलंबित कर दिया था। उनके बहाली का मामला एमएलबी में पदस्थ बाबू और डीईओ के काफी नजदीकी के पास पहुंचा। उन्होंने डीईओ सिसौदिया से चर्चा की और शिक्षिका अनुभा जैन को निलंबन बहाली के बाद पांच किलोमीटर दूर गुना के शासकीय प्राथमिक विद्यालय विनायक खेड़ी में पदस्थ कर पुरस्कृत किया गया।
बमौरी में शिक्षिका बिन्दुवती राजपूत को निलंबन के बाद बहाली के रूप में पुरस्कृत किया गया है और उनकी पोस्टिंग गुना शहर के एक स्थानीय स्कूल में कर दी गई। वहीं बमौरी के एक स्कूल में पदस्थ बृजेन्द्र शर्मा को कुछ समय पूर्व डीईओ कार्यालय में अटैचमेन्ट किया था, उस पर दो दिन पूर्व ही कैंट पुलिस थाने में छेड़खानी का मामला दर्ज हुआ है। ऐसे ही तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा की अवहेलना करते हुए छात्राओं के स्कूल एमएलबी में डीईओ ने बाबू राजेश कलावत को पदस्थ किया हुआ है।
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केशव दुबे को भोपाल से ही निलंबित किया गया था और भोपाल से ही लोक शिक्षण संचालनालय ने सीएम राइज स्कूल में पदस्थ किया है। मैंने नियमानुसार ही अनुभा जैन की पदस्थापना की है। निलंबन के बाद मनचाही किसी की पदस्थापना नहीं की है।
सीएस सिसौदिया, डीईओ गुना
Updated on:
02 Apr 2023 09:08 pm
Published on:
02 Apr 2023 09:08 pm
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