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अवैध वेंडरों के हवाले ट्रेन और रेलवे स्टेशन

ठेके पर चलने वाले अवैध वेंडर पर नहीं है कोई लगाम न सेंपलिंग हो रही और न कार्रवाई जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब

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गुना

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Satish More

Aug 19, 2018

rail

illegal vendors

गुना. रेलवे स्टेशन और ट्रेनें अवैध वेंडरों के हवाले हैं। जिन पर रेलवे के संबंधित विभागों की कोई लगाम नहीं है। एक दिन पहले ट्रेन का खाना खाने से यात्रियों के बीमार होने के बाद शनिवार को दो ट्रेनों की चैकिंग की गई और दो अवैध वेंडरों को पकड़ा गया। उल्लेखनीय है कि रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में बड़ी संख्या में खाने-पीने की चीजें बेचने वाले चलते हैं। रेलवे ने टे्रनों में खाना-पानी सप्लाई के ठेके तो दे दिए हैं, लेकिन उन पर लगाम लगाने वाला अमला अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े बैठा है। न तो नियमित सेंपलिंग की जाती है और न ही अवैध वेंडरों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है। जो यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। खास बात यह है कि अनाधिकृत वेंडर से सामग्री लेने और किसी तरह की धोखाधड़ी होने पर रेलवे की कोई जवाबदेही नहीं होती है।

रेल परिसर से बाहर है रसोई
गुरूवार की घटना के बाद सामने आया था कि ठेकेदारों की सरोई और भंडारण रेल परिसर से बाहर है। इस पर कार्रवाई को लेकर जब पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि नियमानुसार रेलवे की टीम रेल परिसर में ही कार्रवाई कर सकती है। बाहर भंडारण और रसोई होने के चलते कार्रवाई संभव नहीं है। लेकिन रेलवे द्वारा ठेकेदारों पर रेल परिसर के अंदर से काम करने का दवाब नहीं बनाया जा रहा है।

पाउच-सिगरेट भी स्टेशन के बाहर मौजूद
गुना रेलवे स्टेशन के आसपास पाउच-गुटखा जैसी सामग्री की खरीद-फरोख्त पूरी तरह से प्रतिबंधित है। लेकिन जीआरपी और आरपीएफ का थाना होने के बावजूद स्टेशन के ठीक बाहर अस्थाई दुकानों पर खुलेआम पाउच और सिगरेट बिक रही हैं। कई बार ट्रेन के अंदर बोगी में भी यह प्रतिबंधित सामग्री आसानी से मिल जाती हैं। जिस पर जीआरपी की नजर भी नहीं पहुंचती।

खानपान को लेकर रेलवे सतर्क नहीं
ट्रेनों व स्टेशनों पर खाना गुणवत्तापूर्ण है या नहीं, एक्सपायर खाद्य या पेय पदार्थ तो नहीं बेचे जा रहे हैं, इसको लेकर रेलवे सतर्क नहीं है। खाने-पीने की चीजों के नियमित सेंपल लेकर जांच के लिए नहीं भेजे जा रहे हैं। कार्रवाई न होने से ठेकेदारों व वेंडरों के हौसले बुलंद हैं और वे मनमाने ढंग से अपना काम कर रहे हैं। इस संबंध में जब हेल्थ इंस्पेक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं भोपाल में बैठने वाले अधिकारी से बात करने पर उन्होंने आधिकारिक रूप से कोई भी बयान न दे पाने की बात कही।

हम लगातार कार्रवाई करते रहते हैं। हर महीने औसतन १५-२० लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं। आज पकड़े गए वेंडरों पर भी कार्रवाई की जा रही है। जब भी अवैध वेंडर पकड़े जाते हैं कार्रवाई होती है।
बीएस राठौड़, थाना प्रभारी आरपीएफ गुना