गुना। मां की दुआ खाली नहीं जाती है, मां की बददुआ भी कभी टाली नहीं जाती। गरीब रहकर भी मां, तीन-चार बच्चों को पाल लेती है, लेकिन अब तीन-चार बच्चों से एक मां पाली नहीं जाती...। लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पर तिरंगा रहने दो...।
यह कब्बालों ने चांदशाह बली पर आयोजित उर्स में पेश किए।
मुकाबला कब्बाल सलीम अल्ताफ ब्यावरा, रहीश अनीस साबरी बिजनौर और नौशाद शोले के बीच हुआ। वार्षिक उर्स का मुकाबला करीब रात 10 बजे शुरू हुआ, जो सुबह छह बजे तक जारी। कलाम पेशकर कब्बालों ने खूब तालियां लूटी। दर्शकों ने भी रात भर आनंद उठाया। कब्बाली सुनने के शौकीन शाम से ही आयोजन स्थल पर जमा हो गए थे। स्थल पर बैठने भी जगह नहीं मिल पाई।
शांतिपूर्ण रहा आयोजन
उर्स आयोजन को लेकर समिति में विवाद चल रहा था, लेकिन उर्स दोनों समिति के लोगों ने मिलकर बिना किसी विवाद के कराया। इस दौरान सुरक्षा में पुलिस भी तैनात रही। सीएसपी, कोतवाली टीआई सहित बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात थे, तो वहीं प्रशासनिक अमले से नायब तहसीलदार इकबाल खान पूरे समय मौजूद रहे।