13 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पारंपरिक खेल को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, अब मलेशिया में भी होगा तमिलनाडु का जल्लीकट्टू

मलेशिया में जल्लीकट्टू: पारंपरिक सांड पकड़ने की प्रतियोगिता का आयोजन इस वर्ष मार्च या अप्रैल में कुआलालंपुर में प्रस्तावित है। तमिलनाडु के विशेषज्ञों और स्थानीय सांडों के साथ तमिल प्रवासी समुदाय इस भव्य आयोजन की तैयारी कर रहा है।

less than 1 minute read
Google source verification
jallikattu

मलेशिया की धरती पर गूंजेगा 'जल्लीकट्टू' का उत्साह, मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित है यह पारंपरिक भव्य आयोजन। ( File Photo Credit - ANI)

तिरुचि मलेशिया के जल्लीकट्टू प्रेमी इस वर्ष अपने देश में सांड पकड़ने की पारंपरिक प्रतियोगिता आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। आयोजन मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रेल के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है, जब तमिलनाडु में मुख्य कार्यक्रम समाप्त हो जाएंगे।

जल्लीकट्टू पातुकप्पु नाला संगम के अध्यक्ष टी. ओंडिराज ने बताया कि हर साल बड़ी संख्या में तमिल भाषी लोग विदेश से पोंगल के दौरान तमिलनाडु आते हैं और इनमें भाग लेते हैं। उनमें से कई अपने देशों में भी आयोजन करना चाहते हैं। श्रीलंका के तमिल समुदाय ने 2024 से जल्लीकट्टू का आयोजन शुरू कर दिया है।

मलेशिया में आयोजन की प्राथमिकता कुआलालंपुर के मुरुगन मंदिर के पास की है। समन्वय का कार्य दातुक सेरी एम. सरवणन कर रहे हैं। स्थानीय नस्ल के सांडों का उपयोग होगा और तमिलनाडु से प्रशिक्षित पकड़ने वाले भी भाग लेंगे। तमिल प्रवासी समुदाय और प्रशासन के सहयोग से इस वर्ष आयोजन के सफल होने की उम्मीद है।