
दो साल में तीन बार टेंडर, फिर भी नहीं बन सकी सौ मीटर सीसी रोड, अब बारिश रोड़ा
गुना। राष्ट्रीय राजमार्ग एबी रोड से नानाखेड़ी मंडी को जोडऩे वाली करीब 100 मीटर एप्रोच रोड 2 साल में भी नहीं बन सकी। 2४ महीने के भीतर इस मार्ग को बनाने तीन बार टेंडर हुए। एक बार जीएसटी की वजह से लागत को रिवाइज भी किया गया। बावजूद इसके सडक़ का निर्माण अब तक नहीं हो सका। आखिरी बार टेंडर अक्टूबर 2017 में हुआ और फरवरी महीने में मंजूरी मिली। तब से लेकर अब तक 4 महीने बीत गए, मगर निर्माण नहीं हो सका है। अब बारिश के मौसम का इंतजार है। वातावरण में ठंडक होने के बाद सीसी निर्माण शुरू होगा, लेकिन यह पक्का नहीं है कि 15 दिन के भीतर काम चालू भी हो जाए। उधर, इस की हालात दिनोंदिन खराब हो रही है। बारिश में यह वाहन चालकों, किसानों और यहां के रहवासियों के लिए मुसीबत बन सकता है।
एक ठेकेदार को किया ब्लैक लिस्टेड
सौ मीटर सीसी रोड में एक ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड भी हो चुका है। पहली बार टेंडर नहीं हुए थे। दूसरी बार जिस ठेकेदार ने टेंडर डाला था, वह काम करने नहीं आया तो उसको ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इसके बाद इस निर्माण की कीमत रिवाइज की गई। जीएसटी लगने के बाद इससे सीसी रोड को नहीं बनाया जा सका। अब तीसरी बार हुए लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
अब १६ लाख रुपए में बनेगी यह सीसी रोड
महज 100 मीटर की सीसी रोड पर करीब १६ लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। सडक़ एक ओर से डालने का प्रस्ताव है, इसके अलावा एक ओर नाली बनाई जाएगी। इस बार टेंडर ब्लो गया है। मंडी के इंजीनियर अमिताभ श्रीवास्तव ने बताया, टेंडर हो चुका है। गर्मी तेज होने के कारण सीसी रोड का निर्माण आरंभ नहीं किया था। करीब १० से १५ दिनों में काम चालू हो सकता है। इसके बाद दिक्कत नहीं आएगी।
इस मार्ग से ये क्षेत्र होते हैं प्रभावित
नानाखेड़ी की सडक़ बनने से नानाखेड़ी मंडी में आने वाले किसान, व्यापारी परेशान होते हैं। इसके अलावा नानाखेड़ी, नानाखेड़ी आवासीय कालोनी, केंद्रीय विद्यालय, नेगमा, ऊमरी जाने वाले राहगीर परेशान होते हैं। हाउसिंग बोर्ड कालोनी, अयोध्या बस्ती, केवी स्कूल के सामने वाली बस्ती के लोग काफी परेशान होते हैं। रास्ता खराब होने से ट्रक फंस जाते हैं और जाम भी लगता है।
ये काम भी होना है नानाखेड़ी मंडी में
नानाखेड़ी मंडी में शेड की मरम्मत, रोड की मरम्मत, पानी की टंकियों की मरम्मत जैसे कई काम होना है। मंडी परिसर की रोड की भी मरम्मत नहीं की जा सकी है। इस वजह से वाहनों को निकालने में बड़ी असुविधा होती है। इस समस्या का समाधान करने मंडी की ओर से कोई प्रयास नहीं हुए। पूरे सीजन में किसानों को दिक्कत हुई। मंडी गेट से लेकर शेड तक जाने वाली रास्ता ही क्षतिग्रस्त पड़ी रही। किसान परेशान हुए।
इन कामों को लेकर मंडी में घमासान
हालांकि मंडी में कुछ काम भी हुए हैं, लेकिन इनकों लेकर मंडी के अधिकारी और दूसरे जिम्मेदारों में घमासान की स्थिति है। मंडी में करीब ५ लाख का आरओ सिस्टम लगा है और करीब ५ से ६ लाख के टायलेट बनाए हैं। इन दोनों बड़े कामों को पहले से एजेंडे में प्रदर्शित नहीं किया और अन्य एजेंडे में शामिल कर पास करा दिया। अब सीसीटीवी कैमरा की मरम्मत का भी काम कराने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में मंडी सचिव रियाज खान से चर्चा करनी चाही। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
नानाखेड़ी मंडी रोड पर हो गए थे ढाई फीट गहरे गड्ढे
बारिश और क्षतिग्रस्त नाली की वजह से साल भर इस मार्ग पर पानी भरा रहता है। बारिश में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। इस मार्ग पर करीब 2 से ढ़ाई फीट गहरे गड्ढे भी हो गए थे। जहां कई बार ट्रक फंस चुके ट्रैक्टरों को निकालने में किसान बाल-बाल बचे। कई वाहन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी बच्चों को भरने के लिए मंडी समिति की ओर से सख्त कदम नहीं उठाए गए थे। एक दो बार मिट्टी डाल दी गई, उसमें पानी आने से कीचड़ हो जाता है। इस वजह से यहां के रहवासी भी नाराज होते हैं।
Published on:
26 Jun 2018 11:48 am
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