
गुना। गौंड़-आदिवासी समाज के पिता-पुत्र की अलग-अलग जाति को लेकर लंबे समय चली लड़ाई के बाद हाल ही में प्रदेश सरकार ने उन दोनों की जाति एक ही मानी है। इसको जीत बताकर भाजपा से जुड़े अनुवांशिक संगठन भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख धर्मस्वरूप भार्गव एक बड़ा कार्यक्रम 26 अप्रैल को करने की तैयारी में जुटे थे, जो फिलहाल टल गया है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने पत्राचार के साक्ष्य सहित गौंड-आदिवासी समाज की जाति एक ही रखने को अपनी जीत बताई है। इससे एक बार फिर वहां श्रेय की राजनीति शुरू हो गई है। बमौरी में दोनों दलों के बीच श्रेय की राजनीति को लेकर घमासान मचा हुआ है।
एक-दूसरे पर छोड़े शब्द वाण
प्राप्त जानकारी के अनुसार बमौरी विधानसभा क्षेत्र आजकल कांग्रेस व भाजपा के बीच राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा है। कुछ समय पूर्व ही यहां बनने वाले एक सब स्टेशन को लेकर पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता केएल अग्रवाल और बमौरी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक महेन्द्र सिंह सिसौदिया ने एक-दूसरे पर तीखे शब्द प्रहार किए थे।
शर्मा ने उपवास को बताई थी नौटंकी
बमौरी विधानसभा के तीन तालाबों की स्वीकृति के मामले को लेकर कांग्रेस विधायक सिसौदिया ने फतेहगढ़ में धरना दिया। इस उपवास को नौटंकी बताकर भाजपा नेता इंजीनियर ओएन शर्मा ने साक्ष्य सहित दावा किया था कि वहां की जनता की मांग पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के माध्यम से प्रदेश सरकार से उन्होंने स्वीकृति दिलाई है।उधर कांग्रेस विधायक सिसौदिया ने तालाबों के निर्माण को लेकर किए जाने वाले पत्राचार मीडिया तक पहुंचाए थे।
फायर बिग्रेड को लेकर एक-दूसरे पर छोड़े शब्द वाण
बमौरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक महेन्द्र सिंह सिसौदिया और नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा के बीच बमौरी में फायर बिग्रेड न होने को लेकर शब्द वाण चले। सिसौदिया ने कहा कि बमौरी विधानसभा क्षेत्र में दमकल वाहन मुहैया कराई जाए, इसके लिए चीफ सेकेटरी आदि को पत्र लिखे हैं, जल्द ही वह आ जाएगी।
इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा ने सिसौदिया के साथ-साथ उनके नेता कांग्रेस सांसद 'योतिरादित्य सिंधिया से पूछा कि अभी तक वहां फायर बिग्रेड का इंतजाम क्यों नहीं कराए पाए। न उस क्षेत्र में यह दोनों नेता जनता को पानी दिला पाए और न ही आग बुझाने के लिए दमकल वाहन। इतने सालों तक सिंधिया और विधायक सिसौदिया को जनता की सुध क्यों नहीं आईं। वे गुना नगर पालिका से बमौरी में आग लगने पर फायर बिग्रेड आगे भी भेजते रहेंगे।
कांग्रेसियों ने बताई अपनी जीत
सूत्रों ने बताया कि बमौरी में आयोजित होने वाले गौंड़-आदिवासी सम्मेलन की भनक होते ही कांग्रेस सक्रिय हो गए। उन्होंने पत्रिका को इसके साक्ष्य भेजते हुए बताया कि कांग्रेस सांसद 'योतिरादित्य सिंधिया ने गौंड़-आदिवासी जाति के लोगों के पिता-पुत्र की जाति बदलने का मामला सन् 2००7 में उठाया था। इसके बाद उन्होंने पत्र मुख्यमंत्री के अलावा अनुसूचित जनजाति आयोग आदि को भेजे थे, उन पत्रों पर कार्रवाई हुई, जिसके बाद उक्त समाज के लोगों की जाति एक ही मानी। उन्होंने भाजपा नेताओं पर इसको लेकर श्रेय की राजनीति करना बताया।
Published on:
23 Apr 2018 10:46 am
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