
Government Jobs -प्रतीकात्मक तस्वीर
Jobs- 12वीं तक फिजिक्स-केमिस्ट्री पढ़ी, अब पॉलिटिकल साइंस क्यों? ये सवाल प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस गुना में उन 80 स्टूडेंट्स से पूछा गया जो 12वीं के बाद विषय बदलकर एडमिशन लेना चाहते हैं। कॉलेज में इसके लिए स्पेशल इंटरव्यू आयोजित किए गए। विषय बदलने वाले छात्रों की योग्यता और कारण परखने के लिए प्रोफेसरों की कमेटी बैठी। अधिकांश ने प्रतियोगी परीक्षा यूपीएससी, एमपी पीएससी, एसएससी को विषय बदलने की वजह बताई। छात्रों का तर्क था कि कला संकाय के सब्जेक्ट जनरल स्टडीज में मदद करते हैं, साइंस का स्कोरिंग प्रेशर नहीं रहता।
उच्च शिक्षा विभाग के नियमानुसार, अगर स्टूडेंट ने सीयूइटी दिया है तो उसे विषय बदलने के लिए इंटरव्यू नहीं देना पड़ता। इसमें सीधे मेरिट से एडमिशन का प्रावधान है लेकिन बिना सीयूइटी वाले स्टूडेंट्स को इंटरव्यू से गुजरना पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार स्विचिंग के जहां अनेक लाभ हैं वहीं कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। कला संकाय को स्कोरिंग माना जाता है। इससे जहां स्टूडेंट को प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़त मिल सकती है वहीं प्रैक्टिकल, न्यूमेरिकल का बोझ भी कम हो जाता है। हालांकि कला के विषय खासे नुकसानदायक भी साबित हो सकते हैं। सबसे बुरी बात यह है कि सरकारी नौकरी नहीं लगने पर प्राइवेट सेक्टर में भी जॉब के चांसेस कम हो जाते हैं।
हालांकि असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शैलेंद्र परिहार की सलाह है कि स्टूडेंट सिर्फ कॉम्पीटीशन के लिए सब्जेक्ट न बदलें। पहले 6 महीने यूपीएससी का बेसिक सिलेबस देखें। अगर कला संकाय में रुचि है तभी स्विच करें। साइंस का स्टूडेंट चाहे तो साइड से कला संकाय के विषयों की तैयारी कर सकता है।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेेंस के प्राचार्य डॉ बीके तिवारी बताते हैं कि नई शिक्षा नीति -2020 मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच को बढ़ावा देता है। इंटरव्यू का मकसद सिर्फ ये देखना है कि छात्र नए विषय को लेकर सीरियस है या नहीं। हम किसी को रोक नहीं रहे, पर गाइड कर रहे हैं।
फायदे
प्रतियोगी परीक्षा में बढ़त : हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, जियोग्राफी यूपीएससी/ सिलेबस से जुड़े।
कम एकेडमिक प्रेशर : प्रैक्टिकल, न्यूमेरिकल का लोड नहीं। कॉम्पटिशन की तैयारी के लिए ज्यादा समय मिलता है।
स्कोरिंग : थ्योरी में नंबर लाना अपेक्षाकृत आसान।
नुकसान
टेक्निकल फील्ड बंद : इंजीनियरिंग, मेडिकल, रिसर्च के दरवाजे बंद हो जाते हैं।
लॉजिकल गैप : 2 साल बाद अचानक स्ट्रीम बदलने से बेस कमजोर रहता है।
प्लान-बी खत्म : अगर सरकारी नौकरी न लगी तो प्राइवेट सेक्टर में साइंस के मुकाबले जॉब कम।
Updated on:
19 May 2026, 1:20 PM IST
Published on:
19 May 2026, 1:17 PM IST
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