
विधानसभा क्षेत्र के प्रथम चुनाव में कांग्रेस के सीताराम ताटके तथा हिंदू महासभा के वृंदावन प्रसाद तिवारी के बीच रोचक मुकाबला हुआ। जिसके नतीजे घोषित होने पर सीताराम ताटके लगभग 42 वोट से विजयी घोषित किये गये थे। नतीजे से असंतुष्ट होकर पराजित उम्मीदवार हिंदू महासभा के वृंदावन प्रसाद तिवारी ने कोर्ट में रिट दायर की जिसमें वोटों की पुन: गिनती के उपरांत वृंदावन प्रसाद को 8 वोट से विजयी घोषित किया गया।
वह समय था जब न्यायालय अपना फैसला अतिशीघ्र सुना दिया करते थे। गुना जिले की अन्य विधानसभा सीटों में मुंगावली से कांग्रेस के कुंदनलाल मदनलाल चुनाव जीते। पछार यानि वर्तमान अशोकनगर से दो सदस्य दोनों ही कांग्रेस के रामदयाल सिंह रघुवंशी तथा दुलीचंद चुनाव जीते थे। राघौगढ़ से निर्दलीय राजा बलभद्र सिंह तथा चांचौड़ा से हिंदू महासभा के द्वारकादास रामनारायण चुनाव जीते थे।
शहर के वरिष्ठ नागरिक नूरुल हसन नूर बताते हैं कि 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ, 1948 में मध्य भारत राज्य अस्तित्व में आया था। मध्यभारत राज्य में भिंड, गिर्द, मुरैना, गुना, शिवपुरी, राजगढ़, भिलसा (विदिशा), शाजापुर, उज्जैन, इंदौर, देवास, रतलाम, धार, झाबुआ, निमाड़ और मंदसौर मिलाकर कुल 16 जिले शामिल किये गये थे। मध्यभारत राज्य की राजधानियां छह-छह माह के लिये ग्वालियर और इंदौर बनाई गई थी। हर छह महीने में ट्रकों में लदवा कर फाईलों को ग्वालियर से इंदौर और इंदौर से ग्वालियर स्थानांतरित किया जाने लगा था। ग्वालियर महाराज जीवाजीराव सिंधिया को राजप्रमुख थे।
16 जिले थे शामिल
0-नुरुल हसन नूर बताते हैं कि स्वतंत्र भारत में 1948 में मध्य भारत राज्य 16 जिलों को मिलाकर बनाया गया था, जिसके पहले मुख्यमंत्री लीलाधर जोशी बने थे।
0- मई 1949 में गुना के गोपी कृष्ण विजयवर्गीय मुख्यमंत्री बनाए गए थे। 18 अक्टूबर 1950 को भिलसा यानि विदिशा के तखतमल जैन मध्य भारत के तीसरे मुख्यमंत्री बने थे।
Updated on:
26 Oct 2023 03:01 pm
Published on:
26 Oct 2023 02:58 pm
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