
लगातार बारिश बनने लगी परेशानी, फसलों को भी खतरा
गुना. लगातार हो रही बारिश अब लोगों के परेशानी बन गई है। वहीं खेतों में पानी भरने से फसल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहा और रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। हालांकि यह बारिश भू जल स्तर बढ़ाने के साथ ही नदी-तालाबों के लिए भी मुफीद साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होने से जल स्त्रोतों में पानी आ गया है।
सिंध, पार्वती सहित अन्य छोटी नदियों में भी जल धारा बहने लगी है। इसके अलावा तालाबों में भी पानी भरने लगा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार जिले के लगभग सभी तालाब ३० से ४० फीसदी भर चुके हैं। यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो अगले १५ दिनों में तालाबों के फुल होने की उम्मीद है।
जल स्त्रोतों के लिए तो बारिश लाभकारी सिद्ध होगी, लेकिन लगातार पानी गिरने से आम लोग परेशान हैं। शहर निचली बस्तियों में पानी भरने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात हुई बारिश से को खेड़ापति कॉलोनी सहित अन्य निचली बस्तियों में पानी भर गया।
जाटपुरा स्कूल के मैदान में कीचड़ होने से वहां किताबें लेकर पहुंचा ट्रक फंस कर रह गया। जिसे बड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। इसके अलावा संजय स्टेडियम में भी चारों ओर कीचड़ के अलावा कुछ नजर नहीं आ रहा है। कीचड़ में लोग फिसल रहे हैं। बाहरी बस्तियों में भी कीचड़ परेशानी का सबब बनी हुई है।
लीकेज से पढ़ाई प्रभावित, कॉलोनियों में भरा पानी
लगातार बारिश से कच्चे पक्के मकान भी टपकने लगे हैं। केंट में शासकीय कन्या उमावि की नई पुरानी बिल्डिंग भी टपक रही हैं। दोनों में चार-चार कमरे हैं।
हालांकि नई बिल्डिंग में तीन कमरे ठीक हैं, जहां कक्षाएं लग रही है। इसी भवन में प्राईमरी स्कूल भी लगता है। स्कूल की कुल छात्र संख्या १५०० है और एक ही समय पर सभी कक्षाएं संचालित होने से परेशानी बढ़ गई है। पुराने भवन के कमरे टपकने के साथ ही क्षतिग्रस्त भी हो गए हैं और कभी भी गिर सकते हैं। ऐसे में कक्षाओं का संचालन जानलेवा हो सकता है। यहां अतिरिक्त कक्षों की मांग भी भेजी जा चुकी है। नया भवन तीन साल पहले ही बना था।
टकनेरा रोड बस्ती में पानी भरा, मकान गिरा
म्याना. रात में ११ बजे से शुरू हुई बारिश सुबह तक जारी रही। जिससे टकनेरा रोड बस्ती में पानी भर गया। घरों व दुकानों में भरे पानी को लोगों ने पंप की सहायता से बाहर फेंका। जिनके पास पंप नहीं था, उनका पूरा परिवार बर्तनों में पानी भर-भर कर फैंकता रहा। यहां ओवर ब्रिज बनने के बाद सर्विस रोड व नाले का निर्माण किया गया था। लेकिन बस्ती के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिसके कारण बारिश मेें यहां के लोगों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है। बस्ती में राजू सेन का कच्चा मकान गिर गया। गनीमत रही कि वे आगे वाले कमरे में सो रहे थे। वरना जनहानि भी हो सकती थी। मकान गिरने से उनके खाने-पीने का सारा सामान व कपड़े खराब हो गए।
फतेहगढ़ मार्ग बंद
बारिश से मंगलवार को सुबह गुना से फतेहगढ़ मार्ग भी बंद हो गया। मस्जिद वाली पुलिया पर पानी आने से दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रुक गई। यह रास्ता जिले को राजस्थान की सीमा से भी जोड़ता है। लेकिन पुलिया का निर्माण न किए जाने से बारिश में रास्ता बंद हो जाने की समस्या है। यहां करीब एक माह पहले ही पुरानी पुलिया पर डामरीकरण कर दिया गया था। जो पानी के तेज बहाव में बह गया और पुलिया के पाइप नजर आने लगे। रास्ता बंद होने से क्षेत्र के लोगों का राजस्थान से संपर्क कट गया।
Published on:
25 Jul 2018 11:52 am
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