
एमपी में ऐसा अनोखा गांव जहां कोई नहीं पीता शराब, यहां की बेटियां है टॉपर
राघौगढ़. मध्यप्रदेश के गुना जिले में एक ऐसा गांव है, जहां के लोगों ने शराब से जन्मी बुराईयों को देखते हुए शराब को छूना भी बंद कर दिया, यहां के लोग अब दूसरे गांव वालों को भी शराब नहीं पीने के लिए जागरूक करते हैं, आश्चर्य की बात तो यह है कि जहां इस गांव की बेटियां कुछ समय पहले पढऩे तक स्कूल नहीं जाती थी, वहीं की बेटियां टॉपर बन रही है। आईये जानते हैं इस गांव की अन्य खूबियों के बारे में विस्तार से।
2 हजार की आबदी वाला है ये गांव
जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर राघौगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत भुलाय। जहां की आबादी 2000 है। इस गांव को आदर्श बनाने का बीड़ा किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं गांव वालों ने उठाया, जिससे गांव की तस्वीर ही नहीं बदली, बल्कि यहां के लोगों का जीवन बदल गया, जो दिन भर शराब पीते थे, वे अब उसको छूते भी नहीं हैं।
भगतसिंह ने किया नशामुक्त
इस गांव को नशा मुक्त और आदर्श बना दिया। आज इस गांव में लोग आसपास गांवों के लोगों को भी शराब छोडऩे की सलाह दे रहे हैं। ये गांव नशा मुक्त के साथ-साथ धुंआ मुक्त भी बन गया। भुलाय गांव के बुर्जुग बताते हैं कि इस गांव में शराब पीने से परिवारों में झगड़े बढ़े, पैसे न होने पर कलह बढ़ी, थाने-कचहरी में शिकायतें होनेे लगी थीं। इसको लेकर गांव के लोगों ने एक पंचायत की, इसमें गांव को आदर्श गांव बनाने के साथ-साथ नशा मुक्त बनाने का निर्णय लिया। इस काम को कराने के लिए एक टीम बनी, जिसका नेतृत्व भगत सिंह किसान ने किया, यह टीम बढ़ते-बढ़ते आधा सैकड़ा तक पहुंच गई। सबसे पहले नशा मुक्त को लेकर काम शुरू हुआ, दो हजार की आबादी वाले गांव को पूरी तरह नशा मुक्त कराया। गांव के लोगों ने बताया कि जैविक खेती को बढ़ावा दिया गौपालन को बढ़ाया।पशु बलि बंद हो गई है। पहले गांव में छुआछूत मानते थे, मगर आज सभी वर्ग के लोग आपस में बैठते हैं और एक-दूसरे के खाना खाने भी जाते हैं। एक ही कुएं से पूरा गांव पानी पीता है।
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बेटियां कर रही टॉप
भगत सिंह किसान के साथ काम करने वाली टीम के बंकेश जैसे युवा बताते हैं कि गांव के लोग बेटियों को पढ़ाते नहीं थे, उन्हें बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया, आज गांव में सैकड़ों की तादाद में बेटियां पढ़ रही हैं और उच्च पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में भी गई हैं। कई बेटियां पढ़कर नौकरी का आवेदन भी करने लगीं। जंगल से लकड़ी काटकर घर में चूल्हा जलता था, इससे मुक्ति के लिए सरकार की मंशा अनुसार गोबर गैस को यहां बढ़ावा दिया आज काफी घरों में गोबर गैस पर खाना बनता है। यहां हर घर के सामने एलइडी जलती देखी जा सकती है।
Published on:
24 Apr 2022 04:47 pm
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