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खाना बनाते समय महिला को सांप ने डसा , जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत

झांडफ़ूंक के चक्कर में कीमती समय गंवाया

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खाना बनाते समय महिला को सांप ने डसा , जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत

खाना बनाते समय महिला को सांप ने डसा , जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत

गुना. बारिश रुकने के बाद सर्पदंश के मामले आना शुरू हो गए हैं। ग्राम अजरोड़ा में एक महिला को खाना बनाते समय जहरीले सर्प ने डस लिया। जिसकी जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। बताया जाता है कि परिजन महिला को सबसे पहले अस्पताल न ले जाकर झाडफ़ूंक कराने एक गांव में ले गए। यह देरी महिला की मौत का कारण बनी है। डॉक्टर के अनुसार यदि समय रहते महिला अस्पताल आ जाती तो उसकी जान बचने की काफी संभावना थी।
जाकारी के मुताबिक बमोरी के ग्राम अजरोडा निवासी गिर्राज सहरिया ने बताया कि उसकी पत्नी बादामी को सांप ने उस समय डसा जब वह घर पर ही खाना बना रही थी। किचिन में जब वह ऊपर की अलमारी से मिर्ची का डिब्बा उठा रही थी उसी दौरान जहरीले सांप ने उसे डस लिया। घटना के समय वह सामान लेने दुकान पर गया था। जहां से उसने सामान बच्ची के हाथ घर भिजवा दिया। पत्नी को सांप द्वारा डसने की जानकारी परिजनों को लगी तो वे तत्काल झाडफ़ूंक कराने बोरखेड़ा गांव ले गए। जहां काफी प्रयास के बाद भी बादामी को होश नहीं आया तो हार मानकर जिला अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टर ने जांच उपरांत मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को शव का पोस्मार्टम कराकर पुलिस ने मर्ग कायम मामला विवेचना में ले लिया है। परिजनों ने बताया कि बादामी अपने पीछे 2 बेटे और 2 बेटियों को छोड़ गई है।
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बारिश के मौसम में इसलिए ज्यादा होती हैं घटनाएं
वन्यप्राणी विशेषज्ञ के मुताबिक सर्पदंश की ज्यादातर घटनाएं बारिश के मौसम में ही होती हैं। इसकी मुख्य वजह है सांपों के बिलों व उनके छुपने के स्थानों पर पानी भर जाता है। ऐसे में सांप छुपने के लिए जगह तलाशते हैं और वे घरों के अंदर भी आ जाते हैं। ज्यादातर सांप अंधेरे वाली जगह ढूंढते हैं। जहां बड़ी मात्रा में पत्थरों या लकडिय़ों का ढेर लगा हो। सामान्य ग्रामीण इलाकों में घर के आसपास ऐसी स्थितियां रहती हैं जहां सांपों को छुपने महफूज जगह मिल जाती है। जब यहां ग्रामीण कोई सामान उठाने आते हैं तो वे सर्पदंश का शिकार हो जाते हैं।
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सांप के काटने पर यह नहीं करें
सांप के काटने पर लोग सुनी-सुनाई बातों को उपचार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। ज्यादातर मौत इन्हीं कारणों से हो जाती है। कई लोगों का मानना है कि सांप के काटने के बाद विष पूरे शरीर में फैलने लगता है। इसलिए बहुत जोर से उस भाग के ऊपरी हिस्सों को रस्सी से बांध देते है. जिससे ब्लड सर्कुलेशन के रूकने का खतरा हो सकता है। इससे हर्ट अटैक आ सकता है जिससे पीडि़त की मौत हो सकती है।
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काटने वाली जगह पर ब्लेड या चाकू से चीरा न लगाएं। इससे इंफेक्शन का खतरा है।
पीडि़त को न डरने दें : मरीज यदि इस दौरान बहुत डरेगा तो हर्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है, जिससे उसकी मौत भी संभव है।
ज्यादा मूवमेंट न करवाएं : पीडि़त को ज्यादा हिलाएं ढुलाए नहीं, क्योंकि इससे रक्त में मौजूद जहर ब्लड तक पहुंच गया होता है। अधिक मूवमेंट से यह ब्लड सर्कुलेट होकर शरीर के अन्य हिस्सों तक आसानी से बेहद कम समय में पहुंच सकता है।
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सांप काटें तो यह करें शुरूआती उपचार
- सांप काटे व्यक्ति को सबसे पहले जितना जल्दी हो सके अस्पताल ले जाने की कोशिश करें।
- जब तक अस्पताल न पहुंच जाएं मरीज को शांत रखें और उसका हौंसला बढ़ाएं।
- पीडि़त को बेहोश न होने दें, क्योंकि इस दौरान उनकी सांसे रूक सकती हैं।
- सांप ने अगर हाथ में काटा है तो उसे नीचे लटका दें ताकि जहर को हार्ट तक पहंचने में ज्यादा समय लग सके।
सर्पदंश वाले स्थान पर दो-तीन इंच चौड़े कपड़े की पट्टी को लपेटे लेकिन, ज्यादा जोर से नहीं, क्योंकि इससे खून का प्रवाह रूक सकता है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
हमारे यहां विभिन्न प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। इनमें बेहद जहरीले सांपों की संख्या कम ही है। इसलिए सांप के डसने पर बिल्कुल भी घबराए नहीं। कुछ जरूरी एहतियात बरतते हुए पीडि़त को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल लाएं। समय रहते इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है। झाड़ फूंक के चक्कर में कतई न रहें। क्योंकि यह समय मरीज की जान बचाने के लिए बहुत जरूरी होता है। झाडफ़ूंक में गंवाया गया समय शरीर में जहर फैलाने में सहायक होता है।
डॉ सुनील यादव, एमडी
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