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गुरूग्राम: क्या धर्मग्रंथ के संदेश का गलत अर्थ लेकर अंगरक्षक ने दो लोगों की जान ली?

अभियुक्त ने कहा कि मैंने शैतान और उसकी मां को मार दिया...
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गुडगाँव

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Prateek Saini

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Updated: 14 Oct 2018, 7:24 PM IST

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(पत्रिका ब्यूरो,चंडीगढ):गुरूग्राम में शनिवार को सरकारी अंगरक्षक द्वारा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत की पत्नी और पुत्र की जान लेने का कारण बाइबल के शैतान को मारने के संदेश का गलत अर्थ लेना तो नहीं रहा? असल में अभियुक्त अंगरक्षक महिपाल से पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आ रही है कि अभियुक्त ने मां और पुत्र को गोली मारने के बाद कहा कि मैंने शैतान और उसकी मां को मारा। पुलिस के अनुसार वारदात स्थल से भागने के बाद अभियुक्त एक थाने में पहुंचा और वहां बताया कि मैंने शैतान और उसकी मां को मार दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियुक्त अपने ईसाई धर्म ग्रहण करने की बार-बार चर्चा कर रहा है। वह बाइबल के संदेश भी दोहरा रहा है। कहता है कि यह हर एक ईसाई का कर्तव्य है कि शैतानों को खत्म करे। पुलिस आयुक्त केके राव के अनुसार अभियुक्त बाइबल की चर्चा कर रहा है।


इस घटना ने आम लोगों का असंवेदनहीन चेहरा भी उजागर किया है। अभियुक्त जब मां-बेटे को गोली मारने के बाद बेटे को कार की ओर घसीट रहा था, तब लोग बचाव करने के बजाय वीडिया बना रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार वीडियो इसलिए बनाया, ताकि पुलिस को कोई मदद मिले। पुलिस उपायुक्त सुलोचना गजराज के अनुसार अभियुक्त ने मौके से भागने के बाद तीन फोन काॅल किए थे। इसके बाद उसने एक थाने पर पहुंचकर हवाई फायर किए। वहां थाना प्रभारी द्वारा पकडे जाने से पहले ही वह भाग खडा हुआ। वहां अभियुक्त ने कहा कि मैंने शैतान और उसकी मां को मार दिया।