
(पत्रिका ब्यूरो,गुवाहाटी): असम में पंचायत चुनाव 5 और 9 दिसंबर को होंगे। इसके लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य की भाजपानीत सरकार में शामिल असम गण परिषद(अगप) ने अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया है, वहीं भाजपा सरकार में सहयोगी गण शक्ति ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इसको लेकर खुद माजुली में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। माजुली मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का चुनाव क्षेत्र है। गणशक्ति के साथ तालमेल किए जाने के कारण माजुली जिला भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। मुख्यमंत्री के लगे कटआउट फाड़ डाले।
कार्यकर्ताओं ने बीजेपी पर लगाए कई आरोप
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गण शक्ति के आगे घुटने टेक दिए गए। वे बिक गए हैं। राज्य के अन्य स्थानों पर भी टिकट को लेकर भाजपा में भारी हंगामा मचा है। आरोप यह भी लग रहे हैं कि अगप के साथ भाजपा की अंदरुनी सांठगांठ है। इसको लेकर अगप कार्यकर्ताओं में भी रोष है। अगप के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंत ने पहले कहा था कि पार्टी जिला स्तर पर कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर गठबंधन करेगी। इसको लेकर हंगामा मचा। क्योंकि पार्टी की साधारण परिषद की बैठक में फैसला हुआ था कि पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी, लेकिन महंत ने अचानक बयान देकर विवाद पैदा कर दिया।
बीजेपी के खिलाफ स्थानीय संगठनों ने खोल रखा है मोर्चा
इसके बाद अगप के कुछ नेता, भाजपा नेता तथा मंत्री डा.हिमंत विश्व शर्मा से मिले और अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। राज्य में प्रस्तावित नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर हंगामा मचा है। भाजपा के खिलाफ स्थानीय संगठनों ने मोर्चा खोल रखा है। इसलिए चुनाव मजेदार हो गए हैं। वैसे भी आगामी लोकसभा चुनाव के पहले यह भाजपा के लिए फ्लोर टेस्ट जैसे होगा। इस मुद्दे पर राज्य में क्या राय है, वह भी भाजपा को मिले नतीजों से साफ होगी। इसलिए पार्टी के लिए यह जीवन-मरण का सवाल बन गया है। वहीं सरकार में शामिल अगप और विपक्षी कांग्रेस को भी अपनी स्थिति आंकने का मौका मिलेगा।
Published on:
14 Nov 2018 07:00 pm

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