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पान मसालों में मिला घातक रसायन, हो सकती है गंभीर बिमारियां

अदालत (Guwahati High Court) ने राज्य सरकार (Assam Government) से नमूने संग्रहित कर जांच के बाद कदम उठाने (Assam News) को कहा...  

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पान मसालों में मिला घातक रसायन, हो सकती है गंभीर बिमारियां

पान मसालों में मिला घातक रसायन, हो सकती है गंभीर बिमारियां

(गुवाहाटी,राजीव कुमार): राज्य में व्यापक स्तर पर मिलने वाले पान मसाले कितने खतरनाक हैं, यह बात हाल ही में गौहाटी उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान सामने आई। पान मसालों में मैग्नीशियम कार्बोनेट नामक रसायन के मौजूद रहने का खुलासा हुआ। गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अजय लांबा और न्यायाधीश सौमित्र सैकिया की खंडपीठ ने राज्य सरकार से जल्द ही बाजार में उपलब्ध सभी पान मसालों का नमूना संग्रह करने को कहा है। नमूनों में मैग्नीशियम कार्बोनेट रहने पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

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दरअसल निकोटिन और तंबाकू युक्त गुटखे की बिक्री पर स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल नवंबर में ही प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया था। असम में बिक्री होने वाले पान मसालों में मैग्नीशियम कार्बोनेट है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग या स्वास्थ्य विभाग ने कोई जांच नहीं की है। असमिया युवा मंच के महासचिव जितुल डेका ने अपने प्रयास से दो पान मसालों के नमूने संग्रह कर इन्हें बाहर की लेबोरेटरी में टेस्ट के लिए भेजा। रिपोर्ट के अनुसार पहले में मैग्नीशियम कार्बोनेट 298 और दूसरे में 1633 मैग्नीशियम कार्बोनेट होने के सबूत मिले हैं। इसके बाद जितुल डेका की ओर से पान मसालों की बिक्री, उत्पादन और परिवहन पर प्रतिबंध लगाने के लिए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 16 मार्च निश्चित की है।

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गंभीर बिमारियों का कारक है पान मसाला...

उधर कामरूप महानगर के संयुक्त स्वास्थ्य निदेशालय में सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के अनुसार मैगनेसियम कार्बोनेट से मानव शरीर में हाइपरमैगनेसेमिया और हृदय रोग होता है। वैसे भी पान मसाला कैंसर का कारक बताया गया है। डेका की ओर से वकील अमित गोयल ने गौहाटी उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों के वकीलों की बात सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने बाजार से पान मसालों के नमूने संग्रह करने का आदेश दिया।

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