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Assam-असम में बाढ़ से चार लाख से अधिक लोग प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और बृहस्पतिवार तक चार लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी कई स्थानों पर उफान पर है। बाढ़ के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।

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Assam-असम में बाढ़ से चार लाख से अधिक लोग प्रभावित

Assam-असम में बाढ़ से चार लाख से अधिक लोग प्रभावित

-हालात और बिगड़े

गुवाहाटी . असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और बृहस्पतिवार तक चार लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी कई स्थानों पर उफान पर है। बाढ़ के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। गोलाघाट जिले में बाढ़ के पानी में एक व्यक्ति बह गया, जिससे इस साल बाढ़ संबंधी घटनाओं में मरने वालों की संख्या 16 हो गई है।
ब्रह्मपुत्र और अन्य प्रमुख नदियों के बढ़ते जल स्तर के कारण राज्य के 22 जिलों में चार लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, माजुली सबसे गंभीर रूप से प्रभावित जिला है, जहां 65,035 लोग ताजा बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके बाद गोलपारा और मोरीगांव जिलों में बाढ़ का असर दिख रहा है। कुल 1,308 लोगों ने 153 राहत शिविरों में शरण ली है, जबकि जिला प्रशासन 150 नामित केंद्रों के माध्यम से राहत वितरित कर रहा है। वन विभाग की एक अधिसूचना के अनुसार, ओरंग नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व के 44 कैंपग्राउंड में से 13 और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में 10 कैंपर जलमग्न हो गए हैं। दरांग, धुबरी, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप मेट्रो, करीमगंज, माजुली, मोरीगांव और उदलगुरी जिलों में 33 सडक़ें क्षतिग्रस्त हो गईं। दरांग में एक तटबंध टूट गया है, जबकि उदलगुरी में दूसरा नष्ट हो गया है। बारपेटा, बिश्वनाथ, बोंगाईगांव, डिब्रूगढ़, माजुली, नलबाड़ी, सोनितपुर, तिनसुकिया और उदलगुरी में बड़े पैमाने पर कटाव हुआ।
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निर्वाचन आयोग ने परिसीमन के बाद मतदाता सूची की समीक्षा करने का दिया निर्देश

गुवाहाटी . निर्वाचन आयोग ने असम चुनाव कार्यालय को परिसीमन के बाद निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार मतदाता सूची की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनुराग गोयल ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से पहले, मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा गहन पुनरीक्षण गतिविधियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के माध्यम से 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाना आवश्यक है। गोयल ने कहा कि नये मतदान केंद्र बनाने होंगे जबकि पुराने मतदान केंद्र नये निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार तय करने होंगे और मतदाता सूची भी उसी के अनुसार तैयार करनी होगी।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया एक सॉफ्टवेयर की मदद से की जाएगी और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत सुधार और नाम शामिल करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन फॉर्म स्वीकार करना 30 नवंबर तक बंद कर दिया गया है।
गोयल ने कहा कि मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशन एक दिसंबर से शुरू होगा और उसके बाद ही ये फॉर्म स्वीकार किए जाएंगे और चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के आखिरी दिन तक प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी प्रपत्रों पर 15 जनवरी तक निर्णय लिया जाएगा तथा 31 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।