
भगवान के चरणों में समर्पित किए 21 किलो के लाडू
ग्वालियर. जैन समाज के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर का 2547वां निर्वाण दिवस रविवार को मनाया गया। इस मौके पर जैन समाजजनों ने दीपावली मनाते हुए भगवान महावीर स्वामी को निर्वाण लाडू चढ़ाए। मुख्य कार्यक्रम नई सडक़ स्थित चंपाबाग धर्मशाला में हुआ, यहां मुनि विहर्ष सागर एवं मुनि विजयेश सागर के सानिध्य में भगवान के चरणों में 21-21 किलो के तीन एवं छोटे लाडू भी चढ़ाए गए। शास्त्रों के अनुसार भगवान महावीर स्वामी पावपुरी तीर्थ से मोक्ष गए थे, इसके चलते समाज के कई भक्त पावापुरी जाकर ही भगवान का निर्वाण महोत्सव मनाते हैं लेकिन चातुर्मास कमेटी ने चंपाबाग धर्मशाला में ही पावापुरी की रचना की थी, इसके लिए पंडाल के बीचोबीच एक जलकुंड बनाया गया था। इसे देखते हुए ऐसा लग रहा था कि मानो पावापुरी में ही भगवान के चरणों में लाडू समर्पित कर रहे हों। इस मौके पर मुनिश्री विहर्ष सागर ने कहा कि आज हम सभी भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस मना रहे हैं और यह तभी सार्थक होगा जब हम भगवान के गुणों को आत्मसात करने का पुरूषार्थ करेंगे। हम भगवान महावीर स्वामी के गुणों का बखान तो करते ही हंै लेकिन उन गुणों को धारण भी करना होगा तभी तो आत्मकल्याण के पथ पर अग्रसर होंगे। इस अवसर पर मुनिश्री का पाद प्रच्छालन भी किया गया। कार्यक्रम में डॉ.वीरेन्द्र कुमार गंगवाल, संजीव अजमेरा, विनय कासलीवाल, योगेश बोहरा, पंकज कासलीवाल, धरम वरैया, ललित जैन आदि मौजूद थे।
चातुर्मास मंगल कलश निष्ठापन के साथ समर्पित किए निर्वाण लाडू
सोनागिर स्थित पुष्पदंत सागर सभागृह में मुनिश्री प्रतीक सागर के सानिध्य में सामूहिक महानिर्वाण लाडू महोत्सव एवं चातुर्मास मंगल कलश निष्ठापन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर समाजजनों ने भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक और पूजन किया। तत्पश्चात 108 निर्वाण मोदक, 24 किलो का मुख्य निर्वाण लाडू भक्तिभाव के साथ समर्पित किया गया। भगवान महावीर स्वामी की 108 दीपों से महाआरती नृत्य करते हुए उतारी गई।
Published on:
15 Nov 2020 11:38 pm
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