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खेल, खेल में खौलते पानी में मुंह के बल गिरी नादान, मौत

खेल, खेल में खौलते पानी में मुंह के बल गिरी नादान, मौत

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6 years old girl fall in hot water, death

6 year old playing in the courtyard with brother

पुनीत श्रीवास्तव.ग्वालियर। मासूम भाई के साथ आंगन में खेल रही 6 साल की नादान नहाने के लिए रखे खौलते पानी से भरे टब में मुंह के बल गिर गई। उबल रहे पानी ने उसके शरीर को पूरी तरह झुलसा दिया। बाजू में बैठा एक साल का नादान भाई भी गर्म पानी के छीटों से झुलस गया। बच्ची को परिजन इलाज के लिए केआरएच ले गए। चिकित्सकों ने उसकी हालत देखकर उन्हें जवाब दे दिया कि बच्ची का शरीर 90 प्रतिशत जल चुका है उसे बचाना मुश्किल है। दिल्ली ले जाओ तो कुछ उम्मीद हो सकती है। लेकिन पल्लेदारी कर परिवार का गुजारा करने वाला पिता मंहगे इलाज की दम नहीं जुटा सका। 9 दिन तक सरकारी अस्पताल में जिदंगी और मौत से जूझने के बाद बच्ची ने दम तोड दिया। मंगलवार को परिवार उसके अंतिम संस्कार के लिए शव को पनिहार ले गया।

गुलजार निवासी पनिहार ने बताया फुफेरी बहन इशरत (6) पुत्री रफीक निवासी गणेशबाग के पास बहोड़ापुर 13 जनवरी की सुबह खौलते पानी से भरे टब में गिर गई थी। बुआ आसरा बेगम रोज सुबह पानी गर्म करने के लिए पानी से भरे टब को आंगन में रखकर उसमें रॉड डाल देती हैं। घटना वाले दिन इशरत एक साल के छोटे भाई के साथ आंगन में खेल रही थी। टब का पानी जब तक खौल चुका था। नहाने जाने से पहले बुआ ने इशरत को 10-10 रु के दो नोट देकर कहा कि बाहर खेल आओ, अपने और भाई के लिए खाने को भी कुछ ले आना। उनसे पैसा लेकर इशरत बाहर नहीं गई, कुछ देर आंगन में ही भाई के साथ खेलने में लगी रही। मस्ती करते में उसका पैर फिसल गया इशरत मुंह के बल टब में गिर गई। टब की किनार उसके मुंह में चोट आई तो उठ नहीं पाई।

उसकी चीख सुनकर आसरा दौडकर आंगन में आईं, तब तक इशरत गर्म पानी में पडी रही। उसे बाहर निकाला तब तक उसका सीना और पेट पूरी तरह झुलस गए थे। परिजन इशरत को केआरएच ले गए। चिकित्सकों ने बताया कि वह 90 प्रतिशत जल चुकी है, उसे बचाना मुश्किल है। परिवार चाहे तो उसे दिल्ली ले जाकर इलाज करा सकता है। गुलजार के मुताबिक फूफा रफीक दाल बाजार में पल्लेदारी कर परिवार का पेट पालते हैं। करीब पांच साल पहले परिवार को साथ रखने के लिए पनिहार से ग्वालियर ले गए थे। यहां गणेशबाग के पास किराए के मकान में रहकर गुजर बसर करते हैं। दिल्ली ले जाकर बेटी का इलाज करना रफीक के बूते के बाहर था। करीब 9 दिन तक केआरएच में भर्ती रहने के बाद मंगलवार को इशरत ने दम तोड दिया।

पानी ले जाते समय गिरी

नादान इशरत खौलते पानी में कैसे गिरी इसे लेकर दो तरह की बातें हैं, क्योंकि घटना के वक्त आंगन में इशरत और उसके मासूम भाई के अलावा कोई नहीं था। यह भी बताया गया है कि मां के नहाने के लिए इशरत गर्म पानी ले जाने आई थी, टब में से खौलता पानी भर कर ले जाते समय उसका पैर फिसल गया, नादान अंसतुलित होकर टब में गिरकर गंभीर झुलसी थी। पुलिस के मुताबिक मंगलवार सुबह इशरत की मौत की जानकारी अस्पताल से उसे मिली है। हादसा कैसे हुआ परिजन से पूछताछ में पता चलेगा। परिवार मूलत: पनिहार का रहने वाला है। बेटी का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में करने के लिए उसके शव को वहां ले गया है।