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75% लोग ऑनलाइन बुक कर रहे हैं ट्रेन का टिकट, आप कैसे बुक करते हैं- ऑनलाइन या ऑफलाइन ?

ऑनलाइन का बढ़ा क्रेज, 75 फीसदी कर रहे ऑनलाइन टिकट बुक

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ग्वालियर। ट्रेन को ट्रांसपोर्टेशन के बहुत सुविधाजनक ऑप्शन के रूप में देखा जाता है। आप सुकून से बैठकर घंटों का सफर तय कर सकते है, लेकिन क्या हो अगर आपका बर्थ कंफर्म न हो तो? ऐसे में आपको कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसको लेकर यात्रियों ने अब रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन काउंटरों की लंबी- लंबी लाइनों में लगकर टिकट लेने की बजाय घर बैठे ऑनलाइन ऑप्शन को ज्यादा चुन लिया है।

यात्री घर बैठे ही अपनी मनमर्जी से किसी भी ट्रेन का टिकट बना लेता है। ऑनलाइन टिकटों के चलते अब रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। हालात यह हो गए हैं कि दिन में अधिकांश समय रेलवे के रिर्जेवशन काउंटर खाली ही रहते हैं। रेलवे के अब 75 फीसदी टिकट ऑनलाइन ही बुक हो रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा आइआरसीटीसी की वेबसाइड पर लोग अपने टिकट बुक कराते हैं।

ऑनलाइन पेमेंट का बढ़ा चलन

रिजर्वेशन काउंटरों पर काफी हद तक यात्री ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं। स्टेशन के साथ मुरार और कंपू रिजर्वेशन काउंटरों से हर दिन लगभग साढ़े छह लाख तक के टिकट बिकते हैं। इसमें से ऑनलाइन पेमेंट लगभग डेढ़ लाख तक का हर दिन हो रहा है।

तत्काल के समय भी नहीं आ रहे यात्री

जब यात्रियों को किसी ट्रेन में जगह नहीं मिलती है तो आखिरी सहारा तत्काल का ही होता है। इसके लिए रिजर्वेशन काउंटरों पर अलग से लाइनें लगती हैं। पहले यह लाइनें काफी सुबह से ही लगना शुरू हो जाती थीं। लेकिन अब इसके लिए टोकन सिस्टम से नंबर लगते है। इसके बावजूद भी हर दिन चार से पांच यात्रियों के ही तत्काल के टिकट बन पाते हैं। उसके बाद तत्काल की सुविधा बंद हो जाती है।

मई- जून में पैर रखने की नहीं मिलती थी जगह

रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन कांउटरों पर मई जून में यात्रियों की अच्छी संख्या रहती थी। अधिकांश लोग गर्मी के दिनों में बाहर घूमने का प्रोग्राम बनाकर अपने- अपने हिसाब से आते जाते हैं। पहले रिजर्वेशन हॉल में अच्छी भीड़ रहती थी, लेकिन अब ऑनलाइन के चलते यह संख्या काफी कम हो गई है। मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल का कहना है कि ऑनलाइन का चलन तेजी से बढ़ा है। यात्री आइआरसीटीसी के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा टिकट बुक करा रहे हैं। ऑन लाइन के चलते अब स्टेशनों पर यात्री काफी कम आ रहे हैं।