
नो मैपिंग ने हजारों मतदाताओं की नींद उड़ाई, कतार में खड़े पर, दस्तावेज पेश नहीं कर पा रहे
दानाओली निवासी योगेश नारायण शर्मा का जन्म 1955 में हुआ। वे हर चुनाव में वोट डालते आए हैं, मगर एक सवाल ने उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया 2003 में आपने कहां वोट डाला था? बीएलओ के सामने वे यह नहीं बता सके। नतीजा, पूरे परिवार के नाम नो मैपिंग में चले गए। परिवार के पांच सदस्य, सबकी स्थिति एक जैसी। राहत बस इतनी कि योगेश के पास पासपोर्ट था, उसी आधार पर सत्यापन हो पाया। लेकिन हर मतदाता के पास पासपोर्ट कहां? योगेश अकेले नहीं हैं। शहर में हजारों मतदाता इसी उलझन से जूझ रहे हैं। आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज पेश नहीं कर पा रहे हैं। नोटिस के साथ दस्तावेजों सूची मतदाताओं के पास भी भेजी गई है।
दरअसल 23 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन हुआ। सामने आया कि 68,540 मतदाता 2003 की सूची से लिंक नहीं हुए। चुनाव आयोग ने ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी कर 12 तय दस्तावेजों में से प्रमाण मांगे। अब तक 28,839 मतदाताओं को नोटिस मिल चुके हैं, जिनमें 3,219 ने अपना पक्ष रखा और 1,538 ने दस्तावेज अपलोड किए। समस्या यह है कि जिनके पास सूचीबद्ध 12 दस्तावेजों में से एक भी नहीं, उन्हें सात दिन का समय दिया जा रहा है।
राशन कार्ड, समग्र आइडी व आधार कार्ड ही पेश कर पा रहे
- पहचान के लिए मतदाता राशन कार्ड, समग्र आइडी व आधार कार्ड ही पेश कर पा रहे हैं। ये दस्तावेज स्वीकार नहीं हो रहे हैं। क्योंकि आयोग की सूची में इन दस्तावेजों को शामिल नहीं किया गया है।
- नौ मैपिंग में अशिक्षित मतदाताओं की संख्या अधिक है। इस कारण जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है। इस कारण ये दस्तावेज नहीं है।
- भूमिहीन मतदाताओं की संख्या अधिक है। इनके पास जमीन के कागज भी नहीं हैं।
- 2003 में वोट कहां डाला था। यह भी याद नहीं है। इस कारण 2003 का बूथ नहीं तलाश पा रहे हैं।
- दस्तावेज पेश करने के लिए 7 दिन का मौका मिला है। यदि दस्तावेज पेश नहीं कर पाते हैं तो नाम कट जाएगा।
दस्तावेज अपलोड की स्थिति
विधानसभा सुनवाई दस्तावेज अपलोड
ग्वालियर ग्रामीण 342 57
ग्वालियर 547 199
ग्वालियर पूर्व 680 219
ग्वालियर दक्षिण 723 896
भितरवार 318 160
डबरा 609 7
Published on:
09 Jan 2026 11:24 am

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