
इनमें ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन और बॉडी स्ट्रक्चर से जुड़ी गंभीर खामियां पाई जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
ग्वालियर. सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिले में 15 वर्ष से अधिक पुरानी 58 यात्री बसों के परमिट दो माह के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समयसीमा के भीतर यदि बस संचालकों ने नई या 15 साल से कम पुरानी बसों की व्यवस्था नहीं की, तो उनके परमिट स्थायी रूप से निरस्त कर दिए जाएंगे।
परिवहन विभाग के अनुसार 15 साल से अधिक पुरानी बसें तकनीकी रूप से असुरक्षित मानी जाती हैं। इनमें ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन और बॉडी स्ट्रक्चर से जुड़ी गंभीर खामियां पाई जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार पहले ही ऐसे वाहनों को सड़कों से हटाने के निर्देश जारी कर चुकी है।
विभाग ने बस संचालकों को दो महीने की अंतिम मोहलत दी है। इस अवधि में निलंबित बसें किसी भी रूट पर संचालन नहीं कर सकेंगी। यदि संचालक नई बस खरीदकर परमिट ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।
हाल ही में ग्वालियर से विभिन्न शहरों के बीच चल रही स्लीपर बसों की सघन जांच की गई थी। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 10 से अधिक बसों के केबिन दरवाजे मौके पर हटवाए गए। निरीक्षण में ड्राइवर पार्टीशन, स्लाइडर सिस्टम, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी इंतजामों में गंभीर खामियां सामने आई थीं।
आरटीओ श्री विक्रमजीत सिंह कंग ने कहा,
“यह कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित नहीं है। 15 साल से पुरानी बसें अब किसी भी स्थिति में नहीं चलेंगी। यदि दो महीने में नई या मानक के अनुरूप बसों की व्यवस्था नहीं की गई, तो परमिट स्थायी रूप से निरस्त कर दिए जाएंगे। नियमों के विरुद्ध चलने वाली बसों पर आगे भी सख्त कार्रवाई होगी।”
Updated on:
03 Feb 2026 12:29 pm
Published on:
03 Feb 2026 12:28 pm

बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
