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चालीस साल पहले ग्वालियर आए थे आचार्य विद्या सागर

जैन समाज में शोक, मंदिरों में किए णमोकार मंत्र के जाप, प्रतिष्ठान भी रखे बंद- जैन छात्रावास में दी गई विनयांजलि

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चालीस साल पहले ग्वालियर आए थे आचार्य विद्या सागर

चालीस साल पहले ग्वालियर आए थे आचार्य विद्या सागर


ग्वालियर. आचार्य विद्या सागर का शहर में करीब 40 वर्ष पूर्व आना हुआ था। 2018-19 में एक कार्यक्रम के सिलसिले में उन्हें लाने की काफी कोशिश की गई थी, लेकिन उनका आना नहीं हो पाया था। उनके समाधि लेने के बाद ग्वालियर शहर में भी शौक की लहर छा गई। सुबह जिस किसी को भी ये समाचार मिला वो स्तब्ध रह गया। शहर के जैन समाज के अधिकांश लोगों ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे। खासकर मुरार क्षेत्र में दुकानें पूरी तरह से बंद देखी गईं। जैन मंदिरों में आचार्य विद्या सागर की आत्म शांति के लिए णमोकार मंत्र के पाठ के साथ-साथ प्रभु आराधना की गई। इसके साथ ही शाम को जैन छात्रावास में विनयांजलि कार्यक्रम किया गया।

सकल जैन समाज ग्वालियर की ओर से रविवार की शाम जैन छात्रावास के प्रांगण में विनयांजलि कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर अनेक वक्ताओं ने आचार्य विद्या सागर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार व्यक्त करते हुए अपनी-अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं में मुख्य रूप से सेवानिवृत्त आईएएस आरके जैन, वायके जैन, प्रशांत गंगवाल, महेन्द्र कुमार टोंग्या एडवोकेट, विनय कासलीवाल, विकास गंगवाल, प्रमोद टोंग्या, दिनेश जैन, बालचंद जैन मंत्री सोनागिर कमेटी, राजेंद्र जैन एडवोकेट कोषाध्यक्ष सोनागिर कमेटी, छात्रावास के मंत्री मुकेश जैन, आलोक जैन, निर्मल जैन मारसंस आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

भगवान अजितनाथ का अभिषेक व पूजन किया

शहर की सामाजिक संस्था जैन सोशल ग्रुप ग्वालियर इंटरनेशनल की ओर से आचार्य विद्या सागर के लिए मौन रहकर विनयांजलि अर्पित की गई। जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि दिगंबर जैन मंदिर मामा का बाजार में सभी सदस्यों ने भगवान अजितनाथ का अभिषेक व पूजन किया गया।