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नर्स भर्ती परीक्षा: कोचिंग संचालक के बाद, सरगना के जीजा को भी क्लीन चिट

खातों में लेनदेन मिलने पर प्रयागराज से उठाया था, बोला साले ने उधारी लौटाई

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Money was lent, the same returned

नर्स भर्ती परीक्षा: कोचिंग संचालक के बाद, सरगना के जीजा को भी क्लीन चिट

ग्वालियर। नर्स भर्ती परीक्षा में जयपुर के कोचिंग संचालक महिपाल के बाद अब सरगना पुष्कर पांडेय और राजीव के जीजा मनीष शुक्ला को भी क्लीन चिट मिल गई है। मनीष शुक्ला को प्रयागराज से उठाया था।क्योंकि उसके खाते में राजीव नयन से 10 लाख रूपए का लेनदेन सामने आया था।

अब मनीष ने कहानी सुनाई राजीव रिश्ते में दूर का ***** है। कंपनी खोलने के उसे रकम उधार दी थी। इसी तरह जयपुर के कोचिंग संचालक भी पेपर लीक कांड में वांटेड सीएचओ प्रेमप्रकाश खीची से ताल्लुक नहीं होने की दलील देकर वापस घर लौट गया है। उधर एमइएल के दो कर्मचारियों नेें वर्कफ्रॉम पर होना बताकर पेपर लीक केस से पल्ला झाड़ लिया है।

नर्स भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने में पुलिस सिर्फ मोहरों के इर्द गिर्द तक है। परीक्षा आयोजित कराने वाली एसएएमएस (स्ट्रेटजिक एलाइंस मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी) और सहयोगी एमइएल शक के दायरे में आ चुकी हैं लेकिन इनमें से किसने पेपर सरगना पुष्कर पांडेय गैंग को थमाया है 10 दिन बाद भी राज नहीं खुला है।

जांच अधिकारियों का कहना है तह तक पहुंचने के लिए कडिय़ां जोड़ जा रही हैं। इसलिए गुरूवार को टीम ने भोपाल में एमइएल कंपनी के कर्मचारी अतुलिस और आशीष से पूछताछ की है। लेकिन ठोस क्लू नहीं मिला है। दोनों का कहना है वर्क फ्रॉम होम पर हैं। उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता।

उधार दिया था पैसा, वही वापस लौटा

इस मामले की कडिय़ां जोडऩे के लिए प्रयागराज (यूपी) से हिरासत में लिए गए मनीष शुक्ला का भी पेपर लीक केस से कनेक्शन नहीं जुडा है। मनीष पूछताछ ने राजीव नयन को रिश्ते का ***** बताया और कहा राजीव को लेबर कांट्रेक्ट की कंपनी खोलना थी।

इसलिए 10 लाख रूपया उधार मांगा था। 5 लाख का इंतजाम तो उसने (मनीष) ने किया सीआरपीएफ में दो सिपाही दोस्त हैं। उनसे भी 5 लाख रूपया राजीव को दिलाया।

काफी जददोजहद के बाद राजीव ने पैसा लौटाया। इसमें 5 लाख रूपए राजीव ने धनंजय पांडेय से उसके (मनीष) खाते में जमा कराए थे। इस लेनदेन की एंट्री बैंक एकाउंट में है। इससे पहले जयपुर के कोचिंग संचालक महिपाल को हिरासत में लिया था। उसने भी पेपर लीक केस में वांटेड प्रेमप्रकाश खीची से ताल्लुक नहीं होने का हवाला दिया। इसलिए उसे वापस घर भेज दिया है।
10 दिन से गैर हाजिर सीएचओ
पेपर लीक केस का लोकल सरगना प्रेमप्रकाश खीची भी नहीं मिला है। प्रेमप्रकाश देवास के गांव में पदस्थ है। ऑफिस रिकार्ड में खीची 6 फरवरी से गायब है। वह कहां गया उसके सहकर्मियों को भी नहीं पता।

कडियां जोडऩे की कोशिश

कंपनी से पेपर लीक करने वालों का पता लगाया जा रहा है। इसलिए कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। फिलहाल कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। प्रयागराज से हिरासत में लिए संदेही की भी केस में भूमिका सामने नहंीं आई है।
राजेश दंडौतिया एएसपी क्राइम ब्रांच