
स्मार्ट ब्रिज पर पानी आने पर मिलेगा अलर्ट, दृष्टिहीनों का सहारा बनेगी लाइफ सेवर्स स्टिक
ग्वालियर. निरंतर हो रहे विज्ञान के विकास और बढ़ते उपयोग ने मानव जीवन की अनेक गतिविधियों को आसान बना दिया है। विज्ञान आज साधन मात्र ही नहीं बल्कि जरूरत बन गया है। शहर के स्कूल-कॉलेजे के स्टूडेंट्स इसी विज्ञान के सहारे कई इन्वेंशन को कस्टमाइज कर इम्पलीमेंट कर रहे हैं, जो लोगों के जीवन को आसान बना सकते हैं। इनके द्वारा बनाए गए मॉडल्स इंस्पायर अवार्ड और राज्य स्तरीय स्पर्धा में चयनित किए गए हैं।हमारे देश में प्रतिवर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (नेशनल साइंस डे) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है, इस मौके पर ऐसे ही स्टूडेंट्स के इन्वेंशन का परिचय आपसे करा रहे हैं। इस वर्ष यह दिन सतत भविष्य के लिए विज्ञान थीम (साइंस फोर ए सब्सिटेनेबल फ्यूचर) के साथ इसे मनाया जा रहा है। इस दिन भारत के महान वैज्ञानिक सीवी रमन ने रमन इफेक्ट की खोज की थी, जिसके चलते वर्ष 1987 से प्रतिवर्ष इसी दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जा रहा है। नेशनल साइंस डे के मौके पर बुधवार को शहर के स्कूल-कॉलेजेज भी कई प्रोग्राम्स होंगे।
पानी बचाएगी सौर संचालित स्मार्ट सिंचाई प्रणाली
किसानों की बढ़ती परेशानी को ध्यान में रखते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी मध्यप्रदेश के बी.टेक (इलेक्ट्रिकल एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग) के स्टूडेंट्स नितेश आर्या और भारती पाल ने सौर संचालित स्मार्ट ङ्क्षसचाई प्रणाली तैयार की है। इसे बिना बिजली का प्रयोग किए सौर ऊर्जा से चलाया जा सकता। इस तकनीक में मिट्टी की नमी को मापकर किसान केवल उतना ही पानी का उपयोग कर सकते हैं, जितना खेत में पौधों की जरूरत है। इससे बिजली की खपत में कमी, कम से कम पानी का उपयोग और स्वचालित होने से किसानों को परिश्रम भी कम ही करना पड़ता है।
ऊर्जा की बचत करेगा स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम
सड़कों पर लगने वाली स्ट्रीट लाइट में कई बार ऊर्जा की बर्बादी देखने को मिलती है। इसे ध्यान में रखते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी के बी.टेक (इलेक्ट्रिकल एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग) के स्टूडेंट्स आदित्य सिंघल , श्रुति गर्ग ने माइक्रो कंट्रोलर और सोलर पैनल का उपयोग कर स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम तैयार किया है। इससे हाईवे पर निर्धारित ऊर्जा का प्रयोग और बचत की जा सकेगी। इस तकनीक में माइक्रो कंट्रोलर और सौर पैनल का उपयोग किया गया है।
आंख लगने पर वाहन को रोक देगा एंटी ब्लिंकिंग एंड स्लीपिंग अलार्म
वाहन चलाते समय कई बार नींद लगने के कारण चालक दुर्घटना कर बैठते हैं। इसे देखते हुए शासकीय उमा विद्यालय पागनवीसी तिलक नगर के 10वी कक्षा के छात्र रोहित मौर्य ने एंटी ब्लिंकिंग एंड स्लीपिंग अलार्म तैयार किया है। चश्मे के रूप में बनाए गए इस मॉडल को वाहन चलाते समय लगाने पर आंख लगने पर वाहन अपने आप रूक जाएगा और गाड़ी में अलार्म बजने लगेगा।
अवरोधक बताएगी लाइफ सेवर्स स्टिक
कक्षा 7 वीं के विद्यार्थी राषिका, सहर्ष व भव्य ने मिलकर ब्लाइंड लाइफ सेवर्स स्टिक बनाई है। यह दृष्टीहीनों की समस्याओं का काफी हद तक समाधान करती है। पीवीसी पाइप से बनी स्टिक में लकड़ी का हैंडल बनाया है। इसमें यूवी सेंसर्स लगे हैं। रास्ते में टकराने से पहले यह यूवी सेंसर्स की बीप बजती है। इससे रास्ते के अवरोधक का पता चल सकेंगे।
लेजर होम सिक्योरिटी सिस्टम करेगा अलर्ट
कक्षा 10वीं के छात्र नीरज शाक्य द्वारा लेजर होम सिक्योरिटी सिस्टम का मॉडल बनाया गया है। इसका राज्य विज्ञान प्रदर्शनी में राज्य स्तर पर चयन हुआ है। लेजर का पूरा नाम लाइट एम्लीफिकेशन बाय द स्टिम्युलेटेड एमिशन ऑफ रेडिसन है। यह एक तरह से सिक्योरिटी सिस्टम है, जिसे घर के बाहर व आसपास लगाया जा सकता है। घर में किसी अन्य द्वारा एंट्री करने पर यह अलर्ट करता है।
सोलर सिस्टम देगा ग्रह की जानकारी
गरिमा भदौरिया व महक ने मिलकर एक सोलर सिस्टम बनाया है। यह सिस्टम सूर्य के आसपास ग्रह की जानकारी देने के साथ ही ग्रह के घूमने की कला और ग्रह से लाभ-हानि सहित अन्य जानकारियां भी उपलब्ध कराता है। साथ ही ग्रेविटी के बारे में भी जानकारी देगा।
स्मार्ट ब्रिज... पानी आने पर करेगा अलर्ट
शासकीय उमा विद्यालय सीएम राइज पटेल स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्रा महक श्रीवास्तव ने स्मार्ट ब्रिज बनाया है। यह ब्रिज ऊपर पानी आने पर अलर्ट करेगा, साथ ही ब्रिज फॉइल सेंटर से ब्रिज की हाइट ऑटोमेटिक बढ़ जाएगी। इससे ब्रिज के ऊपर से पानी नहीं गुजरेगा और अप्रिय घटना होने से रोका जा सकेगा। इस स्मार्ट ब्रिज का चयन इंस्पायर अवार्ड मानक स्तर पर किया गया है। जिसका प्रेजेंटेशन जून-जुलाई 2024 में होगा।
Published on:
28 Feb 2024 06:10 pm
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