
यह है जादुई तोता, अपनी मीठी आवाज से सुनाता ऐसी कहानी, जिसने भी सुना रह गया हैरान
ग्वालियर। प्रदेश के चंबल संभाग में एक ऐसा तोता है जो शहर की कॉलोनी में रहने वाले लोगों व परिवारजनों को भागवत कथा सुनाता है। इतना ही नहीं इस तोते के किस्से दूर दूर तक फैले हुए है। जी हां बात कर रहे मुरैना शहर की हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार के घर सात साल से रह रहे तोते की। शहर की हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार करीब सात साल पहले एक तोते को अपने यहां लेकर आए थे। परिवार में इसका नाम मिठ्ठू रखा गया और धीरे-धीरे यह तोता सभी का चाहता बन गया।
इस परिवार के यहां प्रतिदिन भागवत कथा का पाठ भी होता था जो कि इस तोते ने याद कर लिया था। तभी से यह मोहल्ले में रहने वाले लोगों व परिवार के सदस्यों को अपनी मीठी आवाज से भागवत कथा भी सुनाता था। साथ ही घर में खाने के लिए जो भी कुछ बनाया जाता था वह मिठ्ठू को भी घर के सदस्य के तरह परोसा दिया जाता था। वह तोता इस परिवार का एक अहम सदस्य भी बन चुका था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि पिछले दिनों मोहल्ले में श्रीमद भागवत कथा का पाठ हुआ जिसमें तोते की आवश्यकता थी। तब इस तोते को भागवत कथा में ले जाया गया।
जब तक कथा चलती मिठ्ठू पिंजरे में बैठकर पूरी कथा सुनता था। साथ ही जब कथा के दौरान उसे कुछ खाने को दिया जाता तो वह गृहण नहीं करता था। शाम को घर लाकर जब घर के सदस्य उसे खाना खिलाते तब ही वह खाना खाता था। लेकिन सोमवार की सुबह तोते की मौत हो गई। इससे पूरा परिवार दुखी हो गया और उसकी अंतिम यात्रा चंबल नदी तक निकली। नदी के किनारे तोते का रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।
चंबल में किया गया अंतिम संस्कार
भगवात सुनाने वाले इस तोते की सोमवार की सुबह मौत हो गई। परिवार की लोगों ने बताया कि वह करीब सात साल से हमारे साथ परिवार का सदस्य बनकर रह रहा था। सुबह अचानक इसकी मौत हो गई। यह तोता अपनी मीठी आवाज से खुशियां बिखेरते हुए लोगों व परिवार के सदस्यों को भागवत कथा भी सुनाता था। मौत के बाद तोते का अंतिम संस्कार रीति-रिवाज के साथ दोपहर को चंबल नदी में किया गया। तोते की मौत से घर से सभी सदस्य दुखी है।
Published on:
28 Oct 2019 08:00 am
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