
ग्वालियर. पिछले माह अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से हटाई गईं जनपद पंचायत अध्यक्ष शकुंतला चौधरी की जगह गुरुवार को मतदान हुआ। इस दौरान अनीता रावत अपने निकटवर्ती प्रत्याशी एकता तिवारी से दो मतों से विजयी हुई। पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष चौधरी का मत निरस्त कर दिया गया। अनीता को 13 व एकता को 11 मत मिले। जनपद सदस्य रमेश बाथम के अपहरण के आरोप में अध्यक्ष पद की प्रत्याशी अनीता रावत को पुलिस अपने साथ थाने ले गई। मुख्य आरोपी उनके पति मोतीसिंह रावत के थाने पहुंचने पर पुलिस ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनीता रावत को वहां से जाने दिया।
जनपद पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन से पूर्व विगत 24 नवंबर को जनपद सदस्य रमेश उर्फ बंटी बाथम लापता हो गया था। जिस पर उसकी पत्नी गीताबाई ने थाने पहुंचकर आवेदन दिया था कि उनके पति को अनीता रावत के पति मोती सिंह रावत अपहरण करके ले गए हैं। 29 नवंबर को पुलिस ने अनीता और उनके पति मोती सिंह समेत अन्य लोगों पर अपहरण का मामला दर्ज किया था।
गुरुवार को मतदान के दौरान अचानक रमेश बाथम उपस्थित हो गया और थाने पहुंचकर मोती सिंह रावत पर अपहरण का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस रमेश को अपनी कस्टडी में मतदान कराने ले गई। इसी बीच रमेश की पत्नी ने बच्चों समेत थाने के सामने जाम लगा दिया और मांग की कि अनीता व उनके पति को गिरफ्तार किया जाए। चुनाव पूरा होने और परिणाम घोषणा के तत्काल बाद पुलिस अनीता रावत को अपने साथ थाने ले गई। कुछ देर बाद मोती सिंह भी थाने पहुंच गया तो पुलिस ने उसे अपनी कष्टडी में लेते हुए अनीत को रवाना कर दिया।
पूछताछ के लिए अनीता रावत को बुलाकर थाने ले गए थे। इसके बाद उनके पति मोतीरावत थाने में हाजिर हो गए। इसके बाद अनीता को छोड़ दिया गया। मोतीरावत पुलिस कस्टडी में है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद अपराध सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी।
रमेश शाक्य, थाना प्रभारी,भितरवार
Published on:
01 Dec 2017 05:08 pm
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