
शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर आई अब तक की सबसे बड़ी खबर,टीचरों में छाई मायूसी
ग्वालियर। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के निर्देश पर यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने जीवाजी यूनिवर्सिटी (जेयू) सहित सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्तियां को रोकने के निर्देश गुरुवार को जारी किए। आदेश मिलते ही जेयू ने अपने यहां होने वाली सभी नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। साथ ही सभी सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए चलाई जा रही प्रक्रिया भी अब थम गई है।
यूजीसी की जोइंट सेकेट्री डॉ.उर्मिला देवी के अनुसार यह प्रक्रिया आगामी आदेश तक रुकी रहेगी। यह आदेश सभी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार,यूजीसी से ग्रान्ट लेने वाले शैक्षणिक संस्थान,ड्रीम्ड यूनिवर्सिटी के साथ सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी में लागू होंगे।।
अधिकारियों के अनुसार केन्द्र सरकार और यूजीसी ने इलाहबाद हाईकोर्ट के आरक्षण संबंधी मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में स्थिति क्लीयर करने के बाद ही नियुक्तियों का रास्ता साफ होगा।
इस आदेश ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जिनकी नियुक्तियां प्रोसिस में हैं। अंचल के विवि और कॉलेजों में टीचरों के करीब पांच हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। जेयू को ५१ पदों पर और राज्यशासन को पीएससी के तहत करीब 2700 पदों के लिए टीचरों की नियुक्ति करनी थी,जो अब खटाई में पड़ गई है। जेयू के यूसिक डिपार्टमेंट में होने वाले एक पद की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू हो गए थे, लिफाफे जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाली ईसी की बैठक में खुलने थे, लेकिन यूसीसी द्वारा रोक लगाने से अब यह मामला भी खटाई में पड़ गया है।
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"यूजीसी के आदेश पर हमने विवि में होने वाली टीचरों की नियुक्ति प्रक्रिया रोक ली है। आगामी कार्रवाई अगला आदेश मिलने के बाद ही की जाएगी।"
प्रो.संगीता शुक्ला, कुलपति,जेयू
Published on:
20 Jul 2018 02:19 pm
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