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बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है…

शिल्प बाजार में ‘रफी की यादें’ कार्यक्रम

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बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है...

बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है...

ग्वालियर.

शिल्प बाजार में ‘रफी की यादें’ कार्यक्रम

मेला परिसर स्थित शिल्प बाजार में शुक्रवार को ‘रफी की यादें’ कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि समाजसेविका अंजली बत्रा व विजेता सिंह चौहान उपस्थित रहीं। अध्यक्षता मेला प्रभारी डीसी तिवारी ने की। कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की शहर के सिंगर संजय धूपर ने अपनी टीम के साथ रफी साहब के गीत गुनगुनाकर। उन्होंने शुरुआत आने से उसके आए बहार... से की। तत्पश्चात एक के बाद एक गीत चलते रहे और लोग आनंद उठाते रहे। उल्लेखनीय है कि शिल्प बाजार में स्पेशल हैंडलूम एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है, जिसका समापन रफी के गीतों के साथ हुआ।

सिंगल और डुअल परफॉर्मेंस
बढ़ते हुए क्रम में संजय धूपर ने क्या हुआ तेरा वादा... गुनगुनाया। इसके बाद उन्होंने वैशाली के साथ मिलकर भी कुछ गीत गाए, जिनमें ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं..., मेरे मितवा मेरे मीत रे..., जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा... आदि शामिल थे। ऑडियंस की फरमाइश पर उन्होंने वादा कर ले सजना..., लाल छड़ी मैदान खड़ी..., बहारों फूल बरसाओ... सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। गानों का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा, जिसका लुत्फ शहर के लोगों के साथ एग्जीबिशन में शामिल शिल्पियों ने भी उठाया।

खौफ को खत्म करेंगे इस तरह के प्रोग्राम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समीक्षा गुप्ता ने कहा कि कोरोना फिर से पैर पसार रहा है। ऐसे में इस तरह के आयोजन लोगों के दिमाग से खौफ निकालने का काम करेंगे। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।