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कर्तव्यबोध से समाज को मिलेगी सही दिशा: स्वामी रामभद्राचार्य

बोध: कर्तव्यबोध में चिंतन की दिशा’ का विमोचन

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कर्तव्य, संस्कार और जीवन मूल्यों की प्रेरक कृति

पुस्तक ‘बोध: कर्तव्यबोध में चिंतन की दिशा’ का विमोचन करते जगद्गुरु रामानंदाचार्य रामभद्राचार्य

ग्वालियर. सनातन संस्कृति के प्रख्यात संत, 22 भाषाओं के विद्वान और चित्रकूट तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि कर्तव्यबोध और चिंतन की सही दिशा से समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन मिलता है। वे बुधवार को ग्वालियर में हाकिम सिंह तोमर की पुस्तक ‘बोध: कर्तव्यबोध में चिंतन की दिशा’ के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और राम स्तुति से हुई। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने परिवार सहित संत-महात्माओं का स्वागत किया। स्वामी रामभद्राचार्य ने पुस्तक को केवल साहित्यिक रचना नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कार और कर्तव्य का जीवंत दस्तावेज बताया।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि उनके पिता हाकिम सिंह तोमर का जीवन कर्तव्य, अनुशासन और संघर्ष का प्रतीक रहा है। यह पुस्तक उनके जीवन मूल्यों का सजीव प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि साधारण किसान परिवार से निकलकर हाकिम सिंह तोमर ने कठिन परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त की।

समारोह में रामदास महाराज दंदरौआ सहित अनेक संत, विद्वान और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।