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साढ़े चार फीट ऊपर फेंटकर तैयार होता है भैरंट केसरिया दूध

- सर्दी के मौसम में हर रोज 60 से 65 लीटर केसरिया दूध की होती है बिक्री- पिछले 40 वर्षों से शहरवासियों की जुबां पर चढ़ा है कुल्हड़ वाला ये दूध

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साढ़े चार फीट ऊपर फेंटकर तैयार होता है भैरंट केसरिया दूध

साढ़े चार फीट ऊपर फेंटकर तैयार होता है भैरंट केसरिया दूध

ग्वालियर. एक हाथ से दूसर हाथ में रखे बर्तन में भरे हुए दूध को जब साढ़े चार फीट ऊपर ले जाकर फेंटा जाता है तो देखने वाले अचरज में रह जाते हैं। सर्द मौसम में यह केसरिया दूध पीने वालों को ये अंदाज तो भाता ही है साथ ही दूध पीकर उन्हें गर्माहट भी महसूस होती है। शहर के फालका बाजार में छोटी सी जगह पर भैरंट केसरिया दूध की दुकान चलाने वाले मनीष जैन के यहां शाम 6 से रात 12 बजे तक दूध पीने वालों की भीड़ लगी रहती है। मनीष के दूध फेंटने का ये अंदाज उन्हें गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज करा चुका है। वे हर रोज 72 किलो की कढ़ाई में करीब 60 से 65 लीटर केसरिया दूध की बिक्री करते हैं। इसके लिए शाम 5 बजे से कढ़ाई चढ़ा दी जाती है और उसमें दूध को उकाला जाता है।

पहलवानी के शौक से बना था रिकॉर्ड
भैरंट केसरिया दूध की दुकान चलाने वाले मनीष जैन ने बताया कि मेरे पिताजी स्व.भागचंद जैन नेताजी ने करीब 40 वर्ष पूर्व महाराज बाड़ा स्थित एसबीआइ शाखा के बाहर दुकान शुरू की थी। कुछ समय बाद उन्होंने मुझे भी दुकान पर बैठने के लिए कहा, पर मुझे पहलवानी करने का शौक था। एक दिन मैंने कारीगर को दूध फेंटते हुए देखा और मैंने भी उसी तरह से फेंटने का प्रयास किया तो लगा कि काम के साथ-साथ पहलवानी भी की जा सकती है। तभी से मैंने इतना ऊपर दूध फेंटना शुरू कर दिया। बाद में साढ़े चार फीट ऊपर दूध फेंटने का गिनीज बुक में रिकॉर्ड भी दर्ज कराया। मनीष ने बताया कि जड़ी-बूटियों से तैयार दूध का बड़ा कुल्हड़ 50 तो छोटा 40 रुपए में बिकता है।