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गैस कनेक्शन चालू किए बिना बिल वसूली गलत, सेवा में कमी मानते हुए 16,023 रुपए का बिल निरस्त

जिला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति व खर्च देने के दिए निर्देश

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जिला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति व खर्च देने के दिए निर्देश

जिला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति व खर्च देने के दिए निर्देश

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने घरेलू गैस कनेक्शन के मामले में अहम आदेश पारित करते हुए अवंतिका गैस लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने गैस कनेक्शन चालू किए बिना उपभोक्ता से वसूला गया 16,023 रुपए का बिल निरस्त कर दिया है। साथ ही गैस एजेंसी को उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 1,500 रुपए और प्रकरण व्यय के रूप में 1,000 रुपए 45 दिन के भीतर अदा करने के निर्देश दिए हैं।

आयोग के समक्ष दायर परिवाद में उपभोक्ता बलदेव सिंह ने बताया कि 31 मार्च 2017 को घरेलू गैस सप्लाई कनेक्शन के लिए 3,000 रुपए जमा किए गए थे। इसके बाद अवंतिका गैस के कर्मचारियों ने गैस पाइप लाइन तो बिछा दी, लेकिन बर्नर/चूल्हे को गैस केबल से जोड़कर कनेक्शन चालू नहीं किया। कई बार कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद गैस सप्लाई शुरू नहीं की गई। परिवाद के अनुसार 25 जनवरी 2024 को बिना गैस कनेक्शन चालू किए मीटर उतार लिया गया और मीटर रीडिंग 0.08 दर्शाते हुए 16,023 रुपए का बिल थमा दिया गया। उपभोक्ता ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन एजेंसी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने माना कि बिना गैस सप्लाई चालू किए बिल जारी करना और राशि की मांग करना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी है।

गैस कंपनी का तर्क कि दूसरे कनेक्शन की खपत है

अवंतिका गैस लिमिटेड की ओर से लिखित जवाब पेश किया। कंपनी की ओर से कहा गया कि परिवादी के नाम से अन्य गैस कनेक्शन है। यह बिल दूसरे कनेक्शन का है। परिवादी ने शपथ पत्र भी पेश नहीं किया, जो कंपनी के साथ हुआ था।

- आयोग ने आदेश में कहा कि प्रस्तुत दस्तावेजों और शपथ पत्रों से यह तथ्य प्रमाणित होता है कि उपभोक्ता को वास्तविक रूप से गैस सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई, इसके बावजूद भारी-भरकम बिल जारी किया गया। इस आधार पर आयोग ने परिवाद आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बिल निरस्त करने और क्षतिपूर्ति देने के आदेश पारित किए।