रोज घोषित होने की आती है खबर, नहीं आती कार्यकारिणी
ग्वालियर. भारतीय जनता पार्टी की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा नहीं हो पा रही है। रोज कार्यकारिणी घोषित होने की खबर आती है, लेकिन कार्यकारिणी नहीं आती है। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक बनाने के बाद अब उम्मीद है कि जल्द कार्यकारिणी घोषित हो जाएगी। क्योंकि जिला अध्यक्ष अभय चौधरी केन्द्रीय मंत्री तोमर के करीबी माने जाते है। जिलाध्यक्ष चौधरी ने नामों का चयन कर प्रदेश अध्यक्ष के पास भेज दिए है, लेकिन दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक भोपाल से हरी झंडी नहीं मिल सकी है। विधानसभा चुनाव अब करीब है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही नवीन कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी।
नए चेहरे को दिया जाएगा कार्यकारिणी में मौका
पूर्व जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी के कार्यकाल में भाजपा को नगर निगम चुनाव में महापौर का पद खोना पड़ा था, इसके बाद उनको जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था और अभय चौधरी को कमान दी गई थी। जिलाध्यक्ष बनने के बाद चौधरी ने नवीन कार्यकारिणी बनाकर भोपाल भेज दी, लेकिन वहां से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण अभी तक कार्यकारिणी घोषित नहीं हो सकी।
सिंधिया समर्थकों को स्थान पर देने पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार कार्यकारिणी में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कुछ समर्थकों को शामिल किया जाना था, लेकिन उनके नाम शामिल होने के कारण कार्यकारिणी घोषित नहीं सकी। इसके बाद कुछ नामों पर चर्चा की गई और उनको शामिल कर नए सिरे से लिस्ट को भेजा गया था, लेकिन उसके बाद भी वह घोषित नहीं हो सकी।
कमल के नजदीकी होंगे कार्यकारिणी से बाहर
भाजपा जिलाध्यक्ष की चौथी बार कमान संभालने वाले अभय चौधरी की कार्यकारिणी में नए चेहरे होंगे। पूर्व कार्यकारिणी में कुछ नाम कमल माखीजानी के बेहद करीबी थे, इसलिए वे नए कार्यकारिणी में उनको स्थान नहीं देना चाहते हैं। इसी का नतीजा है कि कुछ पदाधिकारी कार्यकारिणी में सक्रिय भी नहीं है।