22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीबीआई ने सीएमएचओ से मांगी किस डॉक्टर की जानकारी, जानिये यहां?

व्यापमं फर्जीवाड़े के तहत पदस्थापना से लेकर अवकाश तक के बारे में पूछा, पत्र मिलने के बाद अफसरों ने सीएमएचओ कार्यालय में डॉक्टर का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। वही दूसरी तरफ जिला अस्पताल में दो घंटे तक एमरजेंसी सेवाएं प्रभावित रही। 

2 min read
Google source verification

image

rishi jaiswal

Dec 24, 2016

jah

jayarogya hopital

ग्वालियर। व्यापमं फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीबीआई ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करियावटी में पदस्थ डॉ. आशुतोष गुप्ता की जानकारी मांगी है।

सीबीआई ने डॉक्टर की पदस्थापना से लेकर उसके द्वारा लिए गए अवकाश की जानकारी चाही है। सीबीआई का पत्र मिलने के बाद अफसरों ने सीएमएचओ कार्यालय में डॉक्टर का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है।



बताया जाता है कि सीएमएचओ की निगरानी वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करियावटी पर डॉ. गुप्ता वर्ष 2008-09 में पदस्थ थे। व्यापमं फर्जीवाड़े में नाम आने के बाद से डॉ. गुप्ता पीएससी पर नहीं पहुंचे। जांच सीबीआई के पास आने के बाद डॉ. गुप्ता से संबंधित सारी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि प्रकरण में मजबूती आ सके।



इधर, दो घंटे ठप रही इमरजेंसी सेवा
जिला अस्पताल मुरार में शुक्रवार को दोपहर की पाली में इमरजेंसी सेवा दो घंटे ठप रही। इसका कारण डॉक्टर का नहीं पहुंचना रहा। इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे करीब दो दर्जन मरीजों को लौटना पड़ा।
डॉक्टर के नहीं होने पर कर्मचारियों ने मरीजों को शाम के समय आने की बात कहकर लौटा दिया। चार बजे के करीब एक घंटे के लिए डॉ. समीर गोखले को इमरजेंसी ड्यूटी के लिए भेजा गया।
चित्र में ये शामिल हो सकता है: बाहर
इधर अल्ट्रासाउंड जांच को लेकर महिलाओं को शुक्रवार को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। चिकित्सक के अभाव में जांच देरी से शुरू हुई। रेडियोलॉजिस्ट का तबादला होने के बाद से व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई। सिविल सर्जन अब तक व्यवस्था को पटरी पर नहीं ला सके हैं।



कर्मचारियों को नहीं पता किसी ड्यूटी
दोपहर दो बजे की पाली में किसकी ड्यूटी थी इस बात की जानकारी कर्मचारियों तक को नहीं थी। कर्मचारियों ने दो घंटे तक डॉक्टर का इंतजार किया। जब कोई नहीं आया, तो वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। करीब चार बजे के बाद इमरजेंसी सेवा बहाल हो सकी।

'जिस चिकित्सक की ड्यूटी थी वे नहीं पहुंचे। इस कारण कुछ परेशानी हुई, लेकिन बाद में डॉ. गोखले को इमरजेंसी में भेजा गया।'
- डॉ. विपिन गोस्वामी, आरएमओ, जिला चिकित्सालय

ये भी पढ़ें

image