बीमारी का बड़ा कारण साबित हो रहे खराब रास्ते
ग्वालियर। खराब सड़कें गाड़ियों के साथ लोगों की सेहत भी बिगाड़ रही हैं। खस्ता हाल रास्तों पर ड्राइविंग की वजह से सर्वाइकल के मरीजों की गिनती में इजाफा हो रहा है। फिजोथैरेपिस्ट कहते हैं स्पीड़ ब्रेकर भी इन मरीजों की गिनती बढ़ाने में बड़ी वजह हैं। खासकर ऐसे ब्रेकर जो मनमाफिक ऊंचाई के बनाए गए हैं। इन्हें हादसों को काबू करने का हवाला देकर लोग बनवाते हैं लेकिन यह नहीं देखा जाता कि इन पर से गुजरने वालों को ब्रेकर क्रॉस करते वक्त वाहन चालक के शरीर पर क्या असर पड़ेगा।
पिछले एक साल में सर्वाइकल के मरीजों मे इजाफा हुआ है। पीड़ितों में युवा और बुजुर्ग दोनों शामिल हैं। चिकित्सकों के मुताबिक इन मरीजों की गिनती बढ़ने के पीछे उठने, बैठने और सोने के गलत तरीकों के अलावा वाहन चलाना भी अहम वजह है। खासकर दो पहिया वाहन चालकों में यह परेशानी ज्यादा है।
इस तरह घातक खराब रास्ते
● सड़कों पर गड्ढे और स्पीड ब्रेकर में तेज रफ्तार वाहन गुजरने पर गर्दन से कमर तक लगने वाला दचका वाहन चालक के लिए घातक रहता है।
● चार पहिया वाहन चालक से दो पहिया वाहन चालकों के लिए ऐसे रास्ते ज्यादा दिक्कत भरे रहते हैं।
सर्वाइकल पेन के लक्षण
-गर्दन में जकड़न, दर्द
-गर्दन में सूजन और दर्द
-गर्दन की मांसपेशियों में दर्द
-गर्दन घुमाते समय दर्द के साथ एक आवाज होना
-चक्कर आना
-सिर दर्द होना
-लगातार जी मिचलाना
-हाथ पैर में अक्सर झुनझुनी महसूस होना
इस तरह बचाव
फिजोथैरेपिस्ट डॉ. वैभव चौबे मानते है खुदी हुए रास्ते, असामान्य ऊंचाई के ब्रेकर सहित सड़कों पर बड़े दचके सर्वाइकल की बीमारी का कारण हो सकते हैं।