- चित्रगुप्त मंदिरों में चित्रगुप्त चालीसा, अभिषेक, सुंदरकांड, महाआरती सहित हुए भंडारा प्रसादी के कार्यक्रम
ग्वालियर. पाप-पुण्य का लेखा जोखा रखने वाले कायस्थ समाज के आराध्य भगवान चित्रगुप्त का प्रकटोत्सव गुरुवार को शहर में श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर के प्रमुख चित्रगुप्त मंदिरों में चित्रगुप्त चालीसा, कलम-दवात पूजन, यज्ञ, महाआरती सहित भंडारा प्रसादी आदि जैसे कार्यक्रम हुए। मंदिरों पर आकर्षक विद्युत सजावट भी की गई थी। सभी कार्यक्रमों में समाजजनों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
कायस्थ छात्रावास चित्रगुप्त धाम मंदिर, दौलतगंज
कायस्थ छात्रावास चित्रगुप्त धाम मंदिर, दौलतगंज में सुबह राजेश्वर राव ने अभिषेक पूजन कर हवन कराया। सचिव अरूण कुलश्रेष्ठ ने बताया कि शाम को सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या हुई। इसके बाद कक्षा 1 से 8 तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 22 और 23 अप्रेल को हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतियोगियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रमों के बाद प्रसादी वितरण की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि आबकारी आयुक्त ओमप्रकाश श्रीवास्तव, रामसेवक श्रीवास्तव, अशोक निगम आदि मौजूद रहे।
चित्रगुप्त धाम माधव बाल निकेतन एवं वृद्धाश्रम, लक्ष्मीगंज
चित्रगुप्त धाम माधव बाल निकेतन एवं वृद्धाश्रम, लक्ष्मीगंज पर भगवान चित्रगुप्त का दूध, दही, शहद, शक्कर, घी और गंगाजल से अभिषेक एवं हवन किया गया। कलम दवात का पूजन करने के बाद प्रसादी वितरित की गई। पूजन राजेश्वर राव ने किया। इस मौके पर साहित्य अकादमी से पुरस्कृत चंबल के शौय के लेखक पवन सक्सेना को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आश्रम चेयरमेन नूतन श्रीवास्तव, अशोक निगम, अवधेश श्रीवास्तव, केपी श्रीवास्तव, पवन भटनागर आदि उपस्थित थे।
यहां भी हुए कार्यक्रम
- भगवान चित्रगुप्त मंदिर हीरा भूमिया पहाड़ी, हुरावली पर दोपहर में चित्रगुप्त पूजन के बाद भोजन प्रसादी रखी गई थी।
- भगवान चित्रगुप्त मंदिर कटीघाटी पर शाम 6 बजे बाद महाआरती की गई।