24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

2125 से कम नहीं बिकेगा अब गेहूं, सीएम शिवराज ने की समर्थन मूल्य की घोषणा

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के किसानों को एक बड़ी सौगात दी है, उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अधिवेशन में कई बड़ी घोषणाएं की है.

2 min read
Google source verification
2125 से कम नहीं बिकेगा अब गेहूं, सीएम शिवराज ने की समर्थन मूल्य की घोषणा

2125 से कम नहीं बिकेगा अब गेहूं, सीएम शिवराज ने की समर्थन मूल्य की घोषणा

ग्वालियर. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के किसानों को एक बड़ी सौगात दी है, उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अधिवेशन में कई बड़ी घोषणाएं की है, जिससे सीधे किसानों को फायदा मिलेगा, सबसे अच्छी बात तो यह है कि गेहूं की फसल आनेवाले है, फिलहाल किसानों ने खेतों में गेहूं बो दिया है, लेकिन उसके पैदा होने से पहले ही सीएम शिवराज ने नए समर्थन मूल्य की घोषणा कर दी है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

सीएम शिवराज ने इस बार गेहूं के समर्थन मूल्य को सीधा 2125 रुपए कर दिया है, जबकि पिछले साल गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपए था, यानी सीधे किसानों को अब ११० रुपए प्रति क्विंटल का फायदा होगा।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्य प्रांत अधिवेशन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मजाकिया लहजे में कहा, ये पुलिसकर्मी मेरी सुरक्षा में हैं इसलिए सीधे दिख रहे हैं। यह ऐसे हैं नहीं, आपातकाल के समय मैंने इनके डंडे भी खाए हैं। इनका डंडा दिखता जरूर पतला है, लेकिन लगता बहुत जोर से है।

प्रांत अधिवेशन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यादें ताजा करते हुए कहा, मैं भोपाल की रविशंकर कॉलोनी में रहकर 11 वीं की पढ़ाई करता था। उस दौरान छात्र संगठन के लिए काम करने लगा। सूर्यकांत केलकर एबीवीपी संगठन मंत्री थे और उनकी डायरी में मेरा नाम था। 1974 में आपातकाल लग गया और केलकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, डायरी में मेरा नाम देखा तो पुलिसकर्मी मेरे कमरे पर आ गए। मुझे भी गिरफ्तार कर हबीबगंज थाने ले आए। तब मुझे पुलिस ने पीटा भी था। इस मामले मैं करीब 9 महीने जेल में रहा।


गेहूं का समर्थन मूल्य 2125

किसानों को अगले साल से गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपया प्रति क्विंटल दिया जाएगा। अभी यह 2015 रुपए है। यह घोषणा सीएम ने शुक्रवार को तीन दिवसीय किसान मेला व प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर की। सीएम ने कहा, पराली जलाने से वातावरण प्रदूषित होता है। किसान पराली काटने वाली मशीन खरीदेगा, उसे सरकार 50त्न सब्सिडी देगी। किसान समृद्ध है तो उसे 40त्न सब्सिडी मिलेगी।

यह भी पढ़ें : महलों के बीच श्रीराम मंदिर में होगी वैदिक मंत्रो की पढ़ाई, मांडू में शुरू हुआ गुरुकुल

प्रदेश का हर गांव हुआ विकसित

केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा, 2003 में मप्र बीमारू राज्य था। आज प्रदेश का हर शहर और गांव विकसित हो चुका है। कृषि विकास दर बढ़ी, सिंचाई साधन व बिजली की उपलब्धता बढ़ी। किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर कर्जा मिलना शुरू हुआ।