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नालियों में बहती शिकायतें, सड़क पर उतरा प्रशासन: शांतिनगर–शेख की बगिया में कलेक्टर और आयुक्त का औचक निरीक्षण

शहर की सीवर समस्या अब फाइलों से निकलकर सड़कों पर आ गई है। मंगलवार को कलेक्टर रुचिका चौहान और नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय सीधे शांतिनगर और शेख की बगिया पहुंचे। गलियों में जाकर हालात देखे, नागरिकों से बात की और मौके पर ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए समस्या अभी सुलझनी चाहिए, सिर्फ कागजों […]

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कलेक्टर रुचिका चौहान एवं नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने मंगलवार को ग्वालियर के शांतिनगर एवं शेख की बगिया में पहुँचकर सीवर समस्या के संबंध में निरीक्षण किया

कलेक्टर रुचिका चौहान एवं नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने मंगलवार को ग्वालियर के शांतिनगर एवं शेख की बगिया में पहुँचकर सीवर समस्या के संबंध में निरीक्षण किया

शहर की सीवर समस्या अब फाइलों से निकलकर सड़कों पर आ गई है। मंगलवार को कलेक्टर रुचिका चौहान और नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय सीधे शांतिनगर और शेख की बगिया पहुंचे। गलियों में जाकर हालात देखे, नागरिकों से बात की और मौके पर ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए समस्या अभी सुलझनी चाहिए, सिर्फ कागजों में नहीं।”

दरअसल, क्षेत्र में लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी सूचना पर प्रशासन ने मैदान में उतरकर हालात का जायजा लिया। कलेक्टर रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीवर की समस्या का तत्काल समाधान मेन पॉवर और निगम की मशीनरी से कराया जाए। उन्होंने कहा कि अस्थायी मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बस्ती की सीवर समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना बनाकर तुरंत अमल किया जाए।

निरीक्षण के दौरान केवल सीवर ही नहीं, पेयजल व्यवस्था भी अधिकारियों के रडार पर रही। कलेक्टर ने नागरिकों से सीधे बातचीत कर पानी की आपूर्ति की जानकारी ली और जहां-जहां पाइपलाइन में लीकेज की शिकायत मिली, उसे शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिए। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से साफ कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान जो भी सीवर या पानी की लाइन से जुड़ी शिकायत मिले, उसका समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने भी मौके पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैनपावर के साथ निगम की मशीनरी का पूरा उपयोग कर समस्या का त्वरित समाधान करें। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम हेल्पलाइन या किसी अन्य माध्यम से यदि सीवर या पेयजल संबंधी शिकायत मिलती है, तो उसे टालने के बजाय तुरंत कार्रवाई की जाए। “शिकायत का मतलब काम शुरू होना चाहिए, फाइल आगे बढ़ना नहीं,” आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा।

निरीक्षण के दौरान क्षेत्रवासियों ने अपनी रोजमर्रा की परेशानियां भी अधिकारियों के सामने रखीं। नागरिकों ने बताया कि सीवर जाम होने से घरों के सामने गंदा पानी भर जाता है, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। पेयजल लाइनों में लीकेज के कारण पानी की बर्बादी भी हो रही है। मौके पर मौजूद भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष अभय चौधरी ने भी क्षेत्र की समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।