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बैंकों में खाता खुलवाने में यूं रोड़ा बन रहा कोरोना वायरस

बैंकों में नया खाता खुलवाने वाले ग्राहकों को इन दिनों निराशा हाथ लग रही है। लॉकडाउन के इस दौर में 23 मार्च से लेकर अब तक 50 दिनों में शहर की बैंकों में एक भी नया खाता नहीं खोला गया है। ऐसे में ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

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बैंकों में खाता खुलवाने में यूं रोड़ा बन रहा कोरोना वायरस

ग्वालियर. बैंकों में नया खाता खुलवाने वाले ग्राहकों को इन दिनों निराशा हाथ लग रही है। लॉकडाउन के इस दौर में 23 मार्च से लेकर अब तक 50 दिनों में शहर की बैंकों में एक भी नया खाता नहीं खोला गया है। ऐसे में ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बताया जाता है कि कोरोना काल के चलते फिंगर प्रिंट से संबंधित सभी काम बैंकों ने पूरी तरह से बंद कर रखे हैं और नया खाता खोलने में भी इसका उपयोग होता है। लॉकडाउन में सिर्फ रुपयों की जमा-निकासी, आरटीजीएस नेफ्ट, चेक क्लीयरिंग और गर्वनमेंट ट्रांजेक्शन की ही सुविधा दी जा रही है। इसके चलते नए खाते खोलने पर रोक लगी हुई है।

एक दिन में खुलते थे एक हजार खाते
ग्वालियर शहर की 264 बैंकों में हर रोज एक हजार से अधिक नए खाते खुलते थे। इस हिसाब से यदि बैंकों में खाते खुल रहे होते तो 50 दिनों में करीब 50 हजार नए खाते खुल जाते। पहले बैंकों में केवल 33 फीसदी स्टाफ को ही रोटेशन के आधार पर ड्यूटी पर लगाया जा रहा था, लेकिन अब पूरा स्टाफ बैंक का कार्य कर रहा है। बैंकों का समय भी सुबह 10 से शाम 4 बजे तक कर दिया गया है। बैंक कर्मचारियों को सबसे अधिक समस्या जनधन खातों के रुपए वितरण करने में हो रही है।

लॉकडाउन के बाद खुलेंगे नए खाते
आईबीए के दिशा-निर्देशों के मुताबिक बैंकों में 23 मार्च से अति आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यों को किया जा रहा है। नए बैंक खातों को खोलने का काम फिंगर प्रिंट के चलते बंद किया गया है। इससे ग्राहकों को थोड़ी परेशानी हो सकती है, पर लॉकडाउन खुलने के बाद सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रारंभ हो जाएंगी।
सुशील कुमार, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर